पीलीभीत। असम हाईवे पर हो रहे ओवरब्रिज के निर्माण में नियमों का पालन नहीं हो रहा। मजदूर बिना सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे हैं तो दूसरी ओर निर्माण कार्य के बीच नीचे राहगीरों का आवागमन हो रहा है। अगर मजदूरों के हाथ से फिसलकर कोई चीज राहगीरों के सिर पर गिर जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है। निर्माण में लगे कर्मी भी बिना सेफ्टी बेल्ट के काम में जुटे हैं। यह जानलेवा हो सकता है।
शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए पिछले दो साल से असम चौराहे पर ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। काम की गति धीमी है। 560 मीटर लंबे ओवरब्रिज का अब तक आधा ही काम हो सका है। जर्जर सर्विस लेन से गुजरने में राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन में कई बार जाम लगता है। हादसे का खतरा भी बना हुआ है।
निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों की सुरक्षा पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। करीब 50 फीट ऊंचाई पर मजदूर बिना सुरक्षा किट के ही कार्य करते नजर आ रहे हैं। इससे मजदूरों के साथ नीचे गुजरने वाली राहगीरों की सुरक्षा पर भी खतरा है।
निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे खड़े हो रहे वाहन
निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे और जहां कार्य चल रहा है, उस स्थान पर ई-रिक्शा और अन्य वाहन भी खड़े रहे हैं। कई मैकेनिक भी खतरे के बीच ओवरब्रिज के नीचे ही गाड़ियों की मरम्मत करते दिखते हैं। कार्यदायी संस्था के लोग इस बात से बेखबर हैं।
क्या है नियम
नियमों के मुताबिक खोदाई करते समय मजदूरों को हेलमेट और सेफ्टी जैकेट मुहैया कराई जानी चाहिए। बूट और दस्ताने भी होने चाहिए। गर्डर रखने से पहले अगल-बगल व नीचे आवागमन बंद होना चाहिए। आसपास मजबूत बैरिकेड होनी चाहिए लेकिन, यह सभी नियम सिर्फ कागजों पर ही हैं।
वर्जन
मजदूरों को बिना सुरक्षा किट के काम न करने की हिदायत दी गई है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले मजदूरों को सख्त हिदायत दी जाएगी। निर्माण कार्य के पास वाहन खड़े होने के मामले में भी यातायात पुलिस के सहयोग से कार्रवाई कराई जा रही है।
- रोहित दुबे, साइट इंचार्ज
पीलीभीत के असम चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर बिना हेलमेट लगाएं काम करते श्रमिक।संवाद
पीलीभीत के असम चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर बिना हेलमेट लगाएं काम करते श्रमिक।संवाद