प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा कर बताई सरकार की मंशा
जिले के प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। पहली बैठक में उन्होंने जहां अधिकारियों को सरकार की मंशा से अवगत कराकर पारदर्शिता के साथ काम करने की हिदायत दी, वहीं जनप्रतिनिधियों को भी शालीनता का पाठ पढ़ाया। आगामी बैठक में सभी से पूरी तैयारी और आंकड़ों के साथ आने के निर्देश दिए।
सरकार की ओर से नियुक्त जिले के प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी बृहस्पतिवार को दोपहर पीलीभीत पहुंचे। कलक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में उन्होंने उन्हें कुल 26 बिंदुओं पर चर्चा करनी थी लेकिन मात्र छह बिंदुओं पर ही चर्चा हो सकी। सबसे पहले उन्होंने खाद्यान्न वितरण की समीक्षा की। प्रभारी मंत्री ने कोटेदारों को सस्पेंड, बहाल और अटैच करने के खेल को बंद कर गरीबों को पारदर्शिता के साथ खाद्यान्न सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। गड़बड़ी से बचने के लिए राशन कार्ड को शत प्रतिशत आधार कार्ड से लिंक करने के निर्देश दिए। गेहूं खरीद की चर्चा पर उन्होंने कहा कि किसानों को पूरा दाम मिलना चाहिए। यदि सरकारी दाम से अधिक रेट किसान को मिल रहा है तो कोई दिक्कत नहीं हैं लेकिन बिचौलियों के माध्यम से किसानों का उत्पीड़न हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ शहरों की रैंकिंग में जिले का 374वां स्थान होने पर वह नाखुश दिखे। इसमें सुधार के निर्देश देते हुए उन्होंने सफाई कर्मचारियों की संख्या पूछी लेकिन डीपीआरओ बैठक में मौजूद ही नहीं थे। सीडीओ ने उन्हें फोन कर बुलाया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारी गांव नहीं जाते मिलीभगत के चलते उनका वेतन निकल रहा है जो गलत है। वहीं जनप्रतिनिधियों ने सफाई कर्मचारियों के विभिन्न अधिकारियों के पास अटैच होने की शिकायत की। इस पर उन्होंने बाद में पहुंचे डीपीआरओ से सभी को नियमित गांव में भेजने और भाजपा जिलाध्यक्ष से अपने सेक्टर व बूथ प्रभारियों के माध्यम से वस्तुस्थिति पता लगवाने की हिदायत दी। नलकूप के बाबत सही जानकारी न देने पर अधिशासी अभियंता को फटकार लगाई। सुरक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने एसपी देवरंजन वर्मा से यूपी 100 एवं अन्य कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। एसपी द्वारा जिले में लागू किए गए पर्ची सिस्टम की उन्होंने सराहना की। अंत में उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के अनुरूप सभी अधिकारी खुले मन से काम करें। जनप्रतिनिधियों की सुनें लेकिन दबाव महसूस न करें। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष, चारों विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों को शालीन रहने की नसीहत
प्रभारी मंत्री की पहली बैठक में चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधि गण बार-बार अपनी समस्याएं उठा रहे थे। कई बार ऐसा भी हुआ जब प्रभारी मंत्री के टोकने एवं इशारा करने पर भी वह अपनी बात करने से नहीं चूक रहे थे। इस पर प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि अब हम सरकार में हैं और हमारी भी जिम्मेदारी है। पहले स्वयं क्षेत्र में जाएं और अगली बैठक में समस्याओं को सूचीबद्ध कर रखें।