जिले में मनरेगा कार्य में पारदर्शिता के लिए श्रमिकों की कराई जा रही ई-केवाईसी
पीलीभीत। वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन) की वेबसाइट में काम की वजह से कई कार्य अटक गए हैं। मजदूरों के काम के आवेदन में भी दिक्कतें आ रही हैं। अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। हालांकि तकनीकी अपडेट के बाद कई अन्य दिक्कतों का समाधान हो जाने का दावा भी अफसर कर रहे हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि वेबसाइट में सुधार के बाद फर्जी फोटो डालने की प्रक्रिया पर लगाम लग सकेगी।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में करीब 1.78 लाख सक्रिय मजदूर है। इनमें करीब 1.06 लाख मजदूरों की ई-केवाईसी हो गई है। मनरेगा योजना का नाम परिवर्तन होने के साथ ही विभागीय पोर्टलों पर कार्य किया जा रहा है। ऐसे में विभागीय स्तर से श्रमिकों की कराई जा रही ई-केवाईसी का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। वहीं, मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे काम के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री की खरीद भी नहीं हो पर रही है। इससे गांवों के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। श्रमिकों को काम नहीं मिल पा रहा है। विभाग की कई बेवसाइट भी बेहद धीमी गति से कार्य कर रही है। इससे विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। संवाद
नाम हुआ परिवर्तित, मिलेगा 125 दिन का रोजगार
मनरेगा योजना का नाम शासन स्तर से वीबी जी राम जी कर दिया गया है। मनरेगा योजना में जहां श्रमिक को 100 दिन का रोजगार दिया जाता था। अब नाम परिवर्तन के साथ ही श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा।
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संविदा कर्मचारियों का भुगतान भी हो रहा प्रभावित
जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय सहित सभी ब्लॉकों में संविदा के तौर पर कंप्यूटर ऑपरेटर, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सहित अन्य लोगों से संबंधित एसएनए स्पर्श पोर्टल पर कार्य कराया जा रहा है। इससे लोगों को मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है।
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वर्जन
शासन स्तर से कार्य कराया जा रहा है। इससे कुछ दिक्कतें आ रहीं हैं। जल्द ही इसे ठीक कर लिया जाएगा।- हेमंत यादव, डीसी मनरेगा।