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Pilibhit News: चिकित्सकों को देरी का मर्ज, मरीजों को दे रहा दर्द

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9:16 मिनट तक​ खाली पड़ी एनआरसी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
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पीलीभीत। जिला अस्पताल में इन दिनों चिकित्सकों को देरी से आने का मर्ज लग गया है। यहां पहुंच रहे मरीजों को यह इंतजार दर्द दे रहा है। अस्पताल के काफी चिकित्सक अपने समय से पहुंचने के बजाय एक से डेढ़ घंटे तक की देरी से पहुंच रहे हैं। वहीं अपनी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों का समय पर इलाज नहीं शुरू होने से उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार सुबह जिला अस्पताल में पड़ताल के बीच कई ओपीडी कक्ष में कुर्सियां चिकित्सकों का इंतजार करते देखी गईं। कक्ष के बाहर मरीज परेशान दिखे, जबकि ओपीडी का समय सुबह 8:30 बजे तय है। संवाद
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फोटो 11

सीन-1
सुबह 9:16 बजे तक नहीं पहुंची एनआरसी चिकित्सक
छोटे बच्चों को लेकर उनके पोषण सहायता की जांच व उपचार की जिम्मेदार एनआरसी (पोषण पुनवास केंद्र) विभाग के चिकित्साधिकारी के कक्ष की कुर्सी सुबह 9:16 बजे तक खाली पड़ी रही। इस बीच वह वार्ड के राउंड पर भी नहीं देखी गईं। इससे साफ जाहिर हो गया कि वह ओपीडी में ही देरी से पहुंची। कक्ष के बाद दो-तीन मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार करते दिखाई दिए।

फोटो 12

सीन - 2

9:19 बजे महिला नेत्र सर्जन की कुर्सी खाली

जिला अस्पताल में सुबह से नेत्र विभाग में मरीजों का आना शुरू हो गया। शनिवार को नेत्र विभाग में एक महिला नेत्र सर्जन की ओपीडी थी, लेकिन सुबह 9:19 बजे महिला नेत्र सर्जन की कुर्सी खाली देखी गई। आसपास कई मरीज आंखों की स्लाइड जांच कराने के लिए महिला नेत्र सर्जन का इंतजार करते देखे गए। हालांकि एक जेआर मरीजों को परामर्श देता देखा गया।
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फोटो 13
सीन -3
9:26 बजे मेडिसिन ओपीडी में इलाज करते चिकित्सक
मेडिसिन ओपीडी में हालांकि चिकित्सक समय से पहुंचे हुए दिखाई दिए। सुबह 9:26 बजे मेडिसिन चिकित्सक डॉ. विनीत बंसल, कार्डियोलॉजी डॉ. जीके अनेजा व अन्य जेआर मरीजों को परामर्श देते हुए दिखाई दिए, जहां मरीजों की भीड़ देखी गई।

फोटो 14
सीन - 4
9:27 पर रेडियोलॉजिस्ट नदारद, अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर दिखी भीड़

मेडिसिन सहित सर्जरी के चिकित्सक सुबह से ही मरीजों की पेट संबंधित समस्या के लिए यूएसजी जांच पर्चे पर लिखते मिले, लेकिन शनिवार को 9:27 बजे पर अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर जांच के लिए मरीजों की भीड़ दिखाई दी। हालांकि डेढ़ घंटे की देरी के बावजूद चिकित्सक कक्ष से नदारद रहे। इससे मरीजों का काफी समय भी खराब हुआ।


लापरवाह चिकित्सकों को नजरअंदाज कर रहे जिम्मेदार
जिला अस्पताल के मुख्य पद पर सीएमएस व उप-प्राचार्य ओपीडी के समय पर जिला अस्पताल पहुंच जाते हैं। इसके बाद वह जिला अस्पताल आदि का निरीक्षण कर चिकित्सकों के आने का समय आदि भी देखते हैं। कई बार चिकित्सक के समय से न आने की बात भी सामने आती है, लेकिन सख्ती बरतने के बजाय वह लापरवाह चिकित्सकों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है।

मरीजों की बात
फोटो: 15
चिकित्सक परामर्श के बाद अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चिकित्सक का इंतजार करना पड़ रहा है। - मनीषा


फोटो: 16
समय पर अगर चिकित्सक आ जाते है तो परामर्श के दवा आदि के लिए देर नहीं लगती। - बुद्धसेन

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जिला अस्पताल में जो भी चिकित्सक समय पर नहीं आते हैं। उनकी रिपोर्ट प्राचार्य को भेज दी जाती है। - डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक, जिला अस्पताल

9:16 मिनट तक खाली पड़ी एनआरसी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

9:16 मिनट तक खाली पड़ी एनआरसी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

9:16 मिनट तक खाली पड़ी एनआरसी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

9:16 मिनट तक खाली पड़ी एनआरसी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

9:16 मिनट तक खाली पड़ी एनआरसी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

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