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Pilibhit News: 24 साल पहले बंद कर दिया महिला अस्पताल, सीएचसी में भी सुविधाएं नहीं

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बीसलपुर में जर्जर पड़ा राजकीय महिला चिकित्सालय का भवन । संवाद
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बीसलपुर। 24 साल पहले राजकीय महिला अस्पताल को भवन जर्जर होने के कारण बंद कर इसे सीएचसी में शिफ्ट कर दिया गया था। बावजूद इसके यहां पर महिला मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं नहीं की गईं। यहां चार साल से एक भी एमबीबीएस महिला चिकित्साधिकारी नही है। संविदा की महिला डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है।
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बता दें कि विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर महिला अस्पताल का स्टॉफ पड़ोस में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समायोजित करने के साथ सारा सामान भी वहां भिजवा दिया गया था। उसके बाद से अब तक विभाग ने न तो जर्जर अस्पताल के भवन को तुड़वाया और न ही उसके स्थान पर नया भवन बनवाया।
इस समय जर्जर भवन में दिनभर लोग जुआ खेेलते हैं और रात में असामाजिक तत्व शरण लेते हैं। ऐसे में महिला अस्पताल न होने से महिला मरीजों को काफी ज्यादा दिक्कत होती है। संपन्न महिला मरीज तो पीलीभीत, शाहजहांपुर और बरेली जाकर अपना उपचार करा लेती हैं लेकिन गरीब महिला मरीज साधन न होने के कारण बाहर जाकर उपचार नहीं करा पातीं।
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इधर, कहने को तो सीएचसी में सभी सुविधाएं होने का दावा किया जाता है, लेकिन यहां पर प्रसव होने के अलावा गंभीर बीमार लोगों को देखने के लिए एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। संविदा की चिकित्सकों से काम चलाया जा रहा है। ऐसे में महिला मरीजों को झोलाछाप की शरण में जाना पड़ता है।
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पूरी तहसील में मात्र एक ही था महिला अस्पताल
यहां के महिला अस्पताल पर पूरे तहसील क्षेत्र के महिला मरीज आश्रित रहतीं थीं। महिलाओं ने विभाग, प्रशासन के अधिकारियों और राजनेताओं का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित कराया। आश्वासन तो दिया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया गया।

महिलाओं के अलग से अस्पताल होना बेहद जरूरी
बीसलपुर में राजकीय महिला अस्पताल का होना बहुत जरूरी है। विभागीय अधिकारी महिलाओं की इस प्रमुख समस्या को गंभीरता से नही ले रहे हैं।
-अंगूरा देवी, गांव चठिया सेवाराम
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अधिकारी जानबूझकर राजकीय महिला अस्पताल नहीं बनवा रहे हैं। इसका खामियाजा महिला मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
- शानू श्रीवास्तव, मोहल्ला बख्तावर लाल
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बीसलपुर के राजकीय महिला अस्पताल के जर्जर भवन को तुड़वा कर उसके स्थान पर नया भवन बनवाने और उसके बाद राजकीय महिला अस्पताल शुरू कराने का प्रस्ताव काफी समय पहले विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। जो फिलहाल विचाराधीन है।
- डॉ. लेखराज गंगवार, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

बीसलपुर में जर्जर पड़ा राजकीय महिला चिकित्सालय का भवन । संवाद

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