पीलीभीत। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंंत्री ममता बनर्जी के लड़कियों को रात के समय बाहर न निकलने के बयान पर महिलाओं और छात्राओं में रोष है। उनका कहना है कि यहां बातें बालिकाओं और महिलाओं को निडर व आत्मनिर्भर बनाने की हो रही हैं। महिला सशक्तीकरण का पाठ पढ़ाया जा रहा है। महिलाएं भी सेना, एयरफोर्स, स्वास्थ्य, आईटी और अन्य सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कदमताल कर रही हैं। ऐसे में यह बयान सिर्फ बचकाना और हास्यापद है।
महिलाओं को सशक्त बनने की जरूरत है। हर क्षेत्र में महिलाएं, पुरुषों से आगे बढ़कर कार्य कर रही हैं। रात में घर से बाहर न निकलने का बयान बिल्कुल गलत है। अगर जरूरत पड़ने पर घर से नहीं निकलेंगे तो आत्मनिर्भर कैसे बनेंगे। - शिखा, छात्रा उपाधि महाविद्यालय
लड़कियां हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही हैं। ऐसे में रात के समय घर से बाहर न निकलने का बयान गलत है। अगर जरूरी काम है तो लड़कियों को रात के समय भी बाहर निकलना चाहिए। इससे खुद का डर निकले और परिवार के लिए सहयोगी बने। - माही, बीए उपाधि महाविद्यालय
आज जब हम महिला पुरुष समानता, समान अधिकारों की बात करते हैं तब यह कहना कि महिलाओं को रात में बाहर नहीं निकलना चाहिए विसंगत सा प्रतीत होता है। आज जब महिलाएं बाहर भी पुरुषों के समान देर रात तक ऑफिस में काम कर रही हैं तो वो घर नहीं बैठ सकतीं। पीलीभीत में मैं स्वयं भी रात में सुरक्षित बाहर आना-जाना करती हूं। राखी मिश्रा, प्रोफेसर उपाधि महाविद्यालय
लड़कियोंं और महिलाओं के रात के समय घर से न निकलने की बात बहुत की बचकानी राजनीतिक बयानबाजी है। यह बात उन्होंने कही जो खुद एक राज्य संभाल रही हैं। आज के समय में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर को दो महिला अफसरों ने लीड किया था। - डॉ. अंजू सिंह, शिक्षिका
समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाएं ऐसे विचार रखेंगी और महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देने के बजाय गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी कर सिर्फ मनोबल तोड़ने का काम ही कर सकती हैं। सुरक्षा का ऐसा माहौल देना चाहिए कि महिलाओं को किसी भी समय आने-जाने में डर न लगे। इस तरह की बयानबाजी बर्बादी की ओर ले जाएगी।- अदिति जायसवाल अध्यक्ष( रोटरी क्लब ऑफ पीलीभीत मातृशक्ति)
एक महिला मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य उनकी सोच को परिभाषित करता है। मुझे आश्चर्य होता है कि वे आज भी महिलाओं को इस नजरिए से देखती हैं। महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के बजाय यह कहकर उनका मनोबल तोड़ रही हैं। - तनिष्का वर्मा, एमएससी, संघटक राजकीय महाविद्यालय पुरनपुर
अदिति जायसवाल
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अदिति जायसवाल
अदिति जायसवाल
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