जहानाबाद के गांव खेड़ा में महिलाओं के साथ बैठक करते अधिकारी। स्रोत ग्रामीण
पीलीभीत। जहानाबाद क्षेत्र के ललौरीखेड़ा गांव में शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं और प्रशासन के बीच सोमवार को हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। प्राथमिक विद्यालय में आयोजित बैठक में महिलाओं ने गांव के निकट संचालित देशी, अंग्रेजी और वाइन शॉप को तत्काल हटाने की मांग दोहराई, जबकि प्रशासन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता बेनतीजा रही।
ललौरीखेड़ा गांव में शनिवार को शराब की दुकानों के विरोध में हुए हंगामे के बाद सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों और महिलाओं के साथ बैठक कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और एक स्वर में कहा कि गांव के पास संचालित देशी, अंग्रेजी और वाइन शॉप से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। उनका आरोप था कि दुकानों पर आने वाले लोगों के कारण महिलाओं और युवतियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। महिलाओं ने मांग की कि तीनों दुकानों को गांव से दूर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना था कि जब तक दुकानें नहीं हटाई जाएंगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
बैठक में एसडीएम श्रद्धा सिंह, सीओ सदर नताशा गोयल, नायब तहसीलदार परितोष द्विवेदी, जहानाबाद इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह, आबकारी विभाग के कर्मचारी और ग्राम प्रधान हेमलता मौजूद रहीं। अधिकारियों ने महिलाओं को नियमों और प्रक्रिया की जानकारी देते हुए शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं अपनी मांग पर अडिग रहीं। इस दौरानशनिवार को हुए हंगामे में शराब की दुकानों को पहुंचे नुकसान का भी मुद्दा उठाय।
एसडीएम और सीओ ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक समाप्त होने के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। महिलाओं ने साफ कहा कि गांव में शराब की दुकानें किसी भी कीमत पर संचालित नहीं होने दी जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रशासन फिलहाल पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। एसडीएम ने बताया कि उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया गया है।