एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप में पढ़ने वाले मूक बधिर बच्चों को अब एक स्थान पर बैठकर घंटों क ख ग नहीं पढ़ना होगा। अब यह बच्चे वायरलैस हियरिंग डिवाइस के जरिए क्लास में घूमकर पढ़ाई कर सकेंगे।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत ब्लाक संसाधन केंद्र मरौरी में दो एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंपों के जरिए मूकबधिर और दृष्टिहीन बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। वर्तमान में कैंप में 56 मूक बधिर व करीब 30 दृष्टिहीन बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए एक रिसोर्स टीचर समेत सात अध्यापकों का स्टाफ तैनात है। यहां बच्चों को आवसीय सुविधा के साथ साथ ड्रेस, स्टेशनरी आदि भी उपलब्ध कराई जा रही है।
लर्निंग कैंप में दृष्टिहीन बच्चों को जार्ज साफ्टवेयर के माध्यम से अक्षर ज्ञान की जानकारी दी जा रही है। वहीं मूक बधिर बच्चों को ग्रुप हियरिंग डिवाइस के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। इसमें बच्चों के एक ही टेबिल पर घंटों तार युक्त ग्रुप हियरिंग डिवाइस से चिपक रहने पड़ रहा है। अब इन बच्चों को वायरलैस हियरिंग डिवाइस उपलब्ध कराई जाएगी।
56 मूकबधिर बच्चों की पढ़ाई की राह होगी आसान
लर्निंग कैंप में पढ़ने वाले 56 बच्चों को अब ग्रुप हियरिंग डिवाइस से छुटकारा मिलने वाला है। इसके स्थान पर अब उन्हें वायरलैस हियरिंग डिवाइस दी जाएगी। इस सुविधा के बाद यह बच्चे हियरिंग डिवाइस के साथ ही क्लास में कहीं भी आ जा सकेंगे। इन उपकरणों की खरीद की जा चुकी है। जल्द ही इस डिवाइस के जरिए पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है।
जल्द ही शुरू होगी सुविधा
जनपद में वर्ष 2006 से मूकबधिर और दृष्टिहीन बच्चों के शिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। कैंप में मूक बधिर बच्चों को अब वायरलैस हियरिंग डिवाइस के जरिए पढ़ाई कराई जाएगी। इसका इंस्टालेशन जल्द ही करवाया जा रहा है।
राकेश पटेल, जिला समन्वयक, सर्वशिक्षा अभियान