पीलीभीत। सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार और सीओ सिटी प्रवीण मलिक की संयुक्त टीम ने शहर की पांच दुकान और दो गोदामों पर जाकर शराब के स्टॉक का सत्यापन किया। कोतवाली के नजदीक एक दुकान तो पूरी तरह से खाली मिली। वहीं एक अन्य दुकान में 50 बोतल के बजाये महज सात पौवे ही निकले। आबकारी विभाग की टीम अभिलेख से मिलान कर क्रॉस चेकिंग रिपोर्ट तैयार कर रही है।
शनिवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी और आबकारी टीम शहर की दुकानों का सत्यापन करने निकली। कोतवाली गेट स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान खुलवाई गई तो पूरी दुकान खाली मिली। स्टॉक के अभिलेख भी अधूरे थे। इस दुकान से शराब की कालाबाजारी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अब दुकान की पंजीकरण समय सीमा समाप्त होने पर खाली होना बताया जा रहा है। मोहल्ला मस्जिद पठानी की दुकान में 50 बोतल शराब मिलनी चाहिए थीं। सत्यापन में यहां सिर्फ सात पौवेे मिले। रजिस्टर में एक दिन की भी बिक्री नहीं चढ़ी थी। आवास विकास चौराहा, नौगवां पकड़िया की तीन दुकानों को चेक किया। यहां भी अभिलेख अधूरे मिले। इससे शराब के स्टॉक का सत्यापन नहीं हो पाया। आबकारी विभाग के दो गोदामों में शराब का स्टॉक चेक किया गया। इसमें कितना माल मिला, इसका खुलासा अफसरों ने नहीं किया।
पहले बोला- चाबी जमा हैं, अब मुकर गए
लॉकडाउन में बंद दुकानों से शराब की बिक्री का मामला खुला तो आबकारी विभाग के अफसर कहते थे कि दुकानें बंद कर चाबी कब्जे में ले ली है। सीओ सिटी ने मॉडल शॉप चेक करने की बात कही तो आबकारी टीम ने फोन पर मॉडल शॉप संचालक से बात की। उसके बाद अफसरों को बताया कि दुकान की चाबी अनुज्ञापी के पास लखनऊ में है। अब चाबी अनुज्ञापी के पास थी, तो पहले झूठ क्यों बोला गया कि चाबी ले ली है। ऐसा ही मामला पूरनपुर में शुक्रवार को सामने आया था।
शराब की पांच दुकानें और दो गोदाम चेक किए गए हैं। अभिलेख अधूरे होने की वजह से अभी स्टॉक के बारे कुछ नहीं कहा जा सकता। लॉकडाउन के पहले एक-दो दिन की बिक्री नहीं चढ़ी है। गहनता से सत्यापन कर रिपोर्ट बनाई जा रही है। उसी से पता चलेगा कि गड़बड़ी कहां है। -शैलेंद्र सिंह, आबकारी इंस्पेक्टर