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शराब की दुकानों के स्टॉक सत्यापन के बाद डीएम को भेजी गई रिपोर्ट

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पीलीभीत। शराब की बंद दुकानों को खुलवाकर स्टॉक का सत्यापन करने के बाद गड़बड़ी सामने आने पर आबकारी विभाग में खलबली मच गई है। कई दुकानदार, आबकारी विभाग के अफसरों और जिम्मेदारों को शराब की कालाबाजारी के खेल में खुद की गर्दन फंसती दिखाई दे रही है। उधर, मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेज दी है। आगे की कार्रवाई डीएम के स्तर से होगी।
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लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानों को भी बंद रखने के निर्देश थे। इसके बावजूद शराब की बिक्री दो से तीन गुना दामों पर की गई। खास बात यह रही कि लॉकडाउन में कोतवाली के बगल वाली शराब की दुकानों पर स्टॉक कम निकला, जबकि वहां पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रही। प्रतिबंध के बावजूद बंद दुकानों से शराब घर में स्टॉक करके बेची गई थी। आबकारी विभाग के जिम्मेदार अफसरों तक भी शराब महंगे दामों पर बिकने की सूचनाएं पहुंचीं, लेकिन इस बात को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता रहा। ठेकेदारों से लेकर विभागीय अफसरों तक लॉकडाउन में शराब की कालाबाजारी का जमकर खेल चला। इसमें करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो गया।
बीते दिनों डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मामले का संज्ञान लिया तो दुकानों का सत्यापन शुरू कराया गया था। इसमें बीसलपुर, पूरनपुर के अलावा शहर की दुकानों में भी स्टॉक कम मिला। एक दुकान तो पूरी तरह से खाली निकली थी। जबकि लॉकडाउन की शुरुआत में जब दुकान बंद की गई थी तो उसमें शराब की तमाम बोतलें भरी हुई थीं। इसके अलावा कई दुकानों, मॉडल शॉप के स्टॉक का तो अभी भी सत्यापन भी नहीं हो पाया है। आबकारी विभाग के अफसर खुद ही नहीं चाह रहे हैं कि दुकानों के स्टॉक का सत्यापन हो। तभी प्रशासनिक अफसरों से कह दिया गया कि मॉडल शॉप के ठेकेदार चाबी लेकर बाहर गए हुए हैं, जबकि इससे पहले आबकारी विभाग के अफसर मॉडल शॉप की चाबियां खुद के पास जमा करने का दावा कर रहे थे। एक दिन पूर्व शहर में हुए सत्यापन की रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। इसे सीधे जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। अब आबकारी विभाग में डीएम के निर्णय को लेकर खलबली मची हुई है।
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शराब की दुकानों का स्टॉक चेक करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने रिपोर्ट सीधे डीएम को भेजी है। आगे की कार्रवाई भी उन्हीं के स्तर से ही होगी। रिपोर्ट के बारे में फिलहाल हमें कोई जानकारी नहीं है। जैसा निर्देश मिलेगा, उसी हिसाब से कार्रवाई कराई जाएगी। - संजय कुमार, जिला आबकारी अधिकारी
ठेकेदार नहीं दे रहा दुकान की चाबी
पूरनपुर। स्टेशन चौराहा स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान का स्टॉक चेक नहीं हो पाया क्योंकि ठेकेदार ने दुकान पर लगे ताले की चाबी नहीं दी। ठेकेदार और सेल्समैन के जिले से बाहर होने की बात कह दी गई है। नतीजतन अधिकारी चार दिन बाद भी चाबी हासिल नहीं कर पाए है। इतना जरूर दुकान की निगरानी के लिए आबकारी विभाग के सिपाही को लगाया है। ताकि स्टॉक से अब कोई छेड़छाड़ न की जा सके।
देसी शराब की दो दुकानें हुईं चेक
पूरनपुर। लॉकडाउन के बीच बंद दुकान से गुपचुप तरीके से शराब की बिक्री की सूचना मिलने पर शनिवार देर शाम एसडीएम हरिओम शर्मा ने आबकारी टीम के साथ जाकर पड़ताल की। जोगराजपुर और कुर्रिया गांव में देशी शराब की दुकानों का स्टॉक चेक कराया गया। आसपास के कुछ लोगों से भी बात की गई। आबकारी निरीक्षक दीपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि दोनों दुकानों पर स्टॉक सही मिला है। सेल्समैनों को बंदी के दौरान शराब की बिक्री न करने की चेतावनी दी गई है।
घर से बेची जा रही थी अंग्रेजी शराब, एक पकड़ा
पूरनपुर। एक तरफ आबकारी विभाग की दुकानों में स्टॉक कम निकल रहा है। वहीं घरों से शराब की बिक्री का एक और मामला पुलिस ने पकड़ा है। रविवार को अंग्रेजी शराब की लॉकडाउन के बीच मंहगे दाम पर बिक्री की सूचना पर दरोगा निर्देश सिंह चौहान ने मोहल्ला बमनपुरी निवासी विमलेश के घर दबिश दी। उसके घर से अंग्रेजी शराब के 18 पौवे बरामद हुए। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि इस मामले में आबकारी अधिनियम, महामारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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