पौधरोपण का विश्वरिकार्ड बनाने को जिले में लगभग तीन लाख पौधे रोपने की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। सोमवार सुबह 10 बजे से जिले में एक साथ 35 स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके लिए सामाजिक वानिकी और टाइगर रिजर्व में स्टाफ के साथ श्रमिकों को भी लगाया गया है। इसकी निगरानी के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम भी यहां पहुंच गई है।
शासन के निर्देश पर 11 जुलाई को पौधरोपण का विश्व रिकार्ड बनाया जाना है। इसके लिए प्रदेश में लगने वाले पांच करोड़ पौधों में से तीन लाख पीलीभीत में रोपित करने का लक्ष्य मिला है। इसमें सामाजिक वानिकी में 80 हजार और टाइगर रिजर्व में लगभग दो लाख पौधे लगाए जाने हैं। वन विभाग के अलावा स्कूल, कॉलेज एवं अन्य संस्थाएं भी अपने स्तर से पौधरोपण करेंगी। दोनों विभागों में पौधरोपण के लिए पूर्व में भी गड्ढे खोदे जा चुके हैं। पौधशालाओं से पौधे भी चिन्हित स्थानों पर भेजे जा रहे हैं।
24 घंटे चलेगा पौधरोपण अभियान
सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि पौधरोपण की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। सोमवार सुबह 10 बजे से पौधरोपण प्रारंभ होगा। इसके लिए 24 घंटे का समय दिया गया है लेकिन लक्ष्य समय से पूर्व ही हासिल करने की व्यवस्था की गई है।
वाचर को छोड़ सभी की लगाई ड्यूटी
सोमवार को होने वाले पौधरोपण में टाइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी ने वाचर को छोड़कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा दोनों विभागों ने श्रमिकों की व्यवस्था भी की है।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम पहुंची
पौधरोपण कार्य के दौरान जहां विभाग ने वीडियो और फोटोग्राफी कराने की व्यवस्था की गई हैं वहीं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम भी इसकी हकीकत परखने के लिए यहां पहुंच गई है, लेकिन इसकी गोपनीयता बनाए रखने के लिए केवल टीम लीडर ने ही दोनों विभागों के डीएफओ से मुलाकात कर चिन्हित स्थानों की जानकारी ली है। टीम के सदस्य अपने स्तर से इसकी निगरानी करेंगे।
पौधारोपण का विश्व रिकार्ड बनाने के लिए सामाजिक वानिकी और टाइगर रिजर्व में सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं हैं। दोनों डीएफओ से लगातार इसकी समीक्षा कराई जा रही है। सोमवार को जिला पौधरोपण का विश्व रिकार्ड बनाने के लिए तैयार है।
- मासूम अली सरवर, डीएम