पीलीभीत। दियूरिया रेंज के समीप हरदोई ब्रांच नहर में मृत मिली बाघिन कहां की है, इसकी तस्दीक अब वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) करेगा। इसको लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने मृत बाघिन के फोटो डब्ल्यूटीआई को भेज दिए हैं।
पूरनपुर क्षेत्र में गांव लोहन्ना सोहन्ना के समीप 10 फरवरी को हरदोई ब्रांच नहर में एक बाघिन का शव वनकर्मियों ने बरामद किया था। शव का पोस्टमार्टम 11 फरवरी को महोफ रेंज में टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजा मोहन के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम ने किया था। पोस्टमार्टम में बाघिन के शरीर के बांये हिस्से में अंदरूनी चोट मिली थी। फेफड़े पर उस स्थान पर रक्त का थक्का भी जमा पाया गया था। वन अधिकारियों ने बाघिन की मौत किसी वाहन या पेड़ से टकराने की आशंका जताई थी। बाघिन की मौत का कारण स्पष्ट न होने पर सैंपल आईवीआरआई बरेली भेज दिया गया। फिलहाल बाघिन की मौत की गुत्थी अभी सुलझ नहीं सकी है। इधर बाघिन टाइगर रिजर्व की है या फिर किसी अन्य जंगल की, इसकी पहचान के लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने मृत बाघिन के फोटो डब्ल्यूटीआई (देहरादून) को भेजे हैं।
फूलचंद को शावक ने बनाया था निवाला
गजरौला क्षेत्र के गांव बैजूनागर निवासी 65 वर्षीय फूलचंद की मौत एक फरवरी को बाघ हमले में हुई थी। हालांकि उनके परिजनों के मुताबिक फूलचंद खेत की रखवाली करने गए थे। रखवाली के दौरान ही बाघ ने उनपर हमला कर उन्हें मार डाला था। इधर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने घटनास्थल पर चार कैमरे लगवा दिए थे ताकि हमला करने वाले वन्यजीव की पहचान की जा सके। इस मामले में टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अपनी जांच पूरी कर ली है। टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक फूलचंद की मौत जंगल के करीब 800 मीटर अंदर हुई थी। फूलचंद पर किसी बाघ ने बल्कि एक शावक ने हमला किया था। जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
हरदोई ब्रांच में मिली बाघिन किस जंगल की है, इसकी पहचान के लिए बाघिन के फोटो समेत संबंधित डाटा डब्ल्यूटीआई (देहरादून) को भेजा गया है। स्थानीय स्तर पर भी जांच चल रही है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व