कलीनगर। शारदा नदी के पार अपने साथियों तक पहुंचने की कोशिश में भटक रहा जंगली हाथी एक बार फिर आबादी के नजदीक पहुंच गया। शनिवार रात हाथी रमनगरा और मढईया लालपुर की सीमा पर पहुंचा तो ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हाथी की मौजूदगी की सूचना पर वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को आबादी से दूर रखने का प्रयास किया और देर रात तक जागते रहे। पीटीआर नेपाल के जंगल से लगा हुआ है। खुली सीमा होने के चलते वन्यजीवों की एक दूसरी सीमा में आना जाना लगा रहता है। हाथियों की मौजूदगी अधिक रहती है। एक नेपाली हाथी पिछले कई दिनों से शारदा नदी के इस पार आ गया है। दो दिन पूर्व यही जंगली हाथी बराही रेंज के जंगल के बाइफरकेशन क्षेत्र में पहुंचा था। रात के समय उसने पप्पू पापड़ी वाले की दुकान को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बाद हाथी जंगल की ओर चला गया था।
शारदा नदी के उस पार जाने के लिए रास्ता तलाशते हुए वह दोबारा रामनगरा क्षेत्र की ओर आ गया। ग्रामीणों के मुताबिक, टाइगर रिजर्व के बड़े जंगल में लंबे समय से दो जंगली हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। यह हाथी उनसे बिछड़ गया है और शारदा नदी के पार पहुंचकर अपने साथियों से मिलने का रास्ता तलाश रहा है।
इसी क्रम में वह रमनगरा और मढईया लालपुर की सीमा तक पहुंच गया। शनिवार रात में हाथी के आबादी के नजदीक आने की खबर से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। रेंजर सहेंद्र यादव ने बताया कि टीमें लगातार सतर्क हैं। हाथी की लोकेशन ट्रेस कराई जा रही है।