पीलीभीत। पीटीआर प्रशासन के लचर रवैया से नेपाली हाथी लगातार किसानों की फसल चौपट कर रहे हैं। पहले माला रेंज में कई एकड़ धान की फसल उजाड़ दी। शनिवार को तड़के महोफ रेंज में करीब दस एकड़ धान की फसल हाथियों ने तहस नहस कर दी है। जबकि हाथियों की निगरानी के लिए पीटीआर की ओर से चार टीमें लगाई गई हैं। इसके बाद भी हाथियों की लोकेशन टीम के सदस्यों को नहीं मिल पाती है।
दुधवा टाइगर रिजर्व की ओर से जनपद की सीमा नेपाली हाथियों ने प्रवेश किया था। इसके बाद आठ अगस्त को हाथियों के झुंड ने महोफ रेंज में लालपुल के निकट खटीमा हाईवे पर डेरा जमा लिया था। कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने हाथियों को उत्तराखंड की सुरई रेंज की ओर खदेड़ दिया। तीन दिन के बाद हाथियों का झुंड फिर महोफ रेंज में लौट आए। इसके बाद निगरानी मे जुटी वनकर्मियों की टीम ने इन्हें खदेड़ने की कोशिश की, मगर हाथी 15 अगस्त को माला रेंज में आ गए। इससे वनकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ गई। मंगलवार को हाथियों का झुंड माला रेलवे स्टेशन के निकट वनकर्मियों ने देखा। इनको खदेड़ने के लिए पीटीआर प्रशासन की ओर से चार टीमें बनाई गई है। मगर पीटीआर प्रशासन के लचर रवैया से हाथी जंगल से निकल लगातार किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे है। 20 अगस्त की रात हाथियों का झुंड फिर महोफ रेंज में पहुंच गया। इससे गांव बिठौरा खुर्द के पास जंगल के बाहर निकलने हाथियों ने किसान रजतकांत की पांच एकड़, मनप्रीत सिंह की तीन एकड़, कृष्णा मिस्त्री, अनिल, हरिधर, शशान, निरजंन की दो एकड़ समेत दस एकड़ धान की फसल बर्बाद कर दी है। जबकि पीटीआर प्रशासन की ओर से हाथियों की निगरानी के लिए चार टीमों को लगाया गया है। ऐसे में निगरानी होने के बाद भी हाथियों का झुंड किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे है। जबकि जिम्मेदार अफसरों को इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
पूर्व राज्यमंत्री ने किया मौका मुआयाना
बिठौरा खुर्द में हाथियों द्वारा किसानों की फसल को तहस नहस करने की सूचना पर पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने मौके पर पहुंचकर फसल को देखा। उन्होंने किसानों को फसल का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने पीटीआर के अधिकारियों से भी वार्ता की।
कई दिनों से नेपाली हाथी महोफ और माला रेंज में डेरा जमाएं हुए हैं। इनकी निगरानी के लिए टीमों को लगाया है। शुक्रवार की रात फिर हाथी माला से निकलकर महोफ रेंज में पहुंच गए। कुछ किसानों की फसल को भी तहस नहस किया है। हालांकि हाथी फिर से माला रेंज में पहुंच गए है। खदेड़ने का प्रयास जारी है। - जावेद अख्तर, फील्ड डायरेक्टर, पीटीआर