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बाघों के डर से दोपहिया वाहन सवारों ने लिया धारदार हथियारों का सहारा

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बीसलपुर। बाघों के डर से दियोरिया-घुंघचाई वन मार्ग पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों ने धारदार हथियार लेकर चलना शुरू कर दिया है। बाघों के दियोरिया रेंज का जंगल छोड़कर माला रेंज के जंगल मे प्रवेश करने की सूचना मिली है।
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दियोरिया- घुंघचाई वन मार्ग पर 11 जुलाई की रात दो बाघों ने एक बाइक से जा रहे गांव दियोरिया निवासी कंधई लाल और सोनू को मार डाला था। इनके तीसरे साथी दियोरिया निवासी विकास ने किसी तरह पेड़ पर चढ़कर जान बचाई थी। इस हादसे के बाद दहशत फैल गई थी, जो अभी भी बरकरार है। इस वन मार्ग पर चलने वाले चार पहिया वाहन चालको को तो कोई डर नहीं है। मगर बाइक सवारों को खतरा है। लिहाजा, दोपहिया वाहनों से यात्रा करने वालों ने सुरक्षा के लिहाज से धारदार हथियार लेकर चलना शुरू कर दिया है। इन लोगों का मानना है कि यदि रास्ते में बाघ मिल जाएगा तो वह लोग कम से कम धारदार हथियारों से अपना बचाव तो कर सकेंगे। इधर, माला रेंज के वन दरोगा राधेश्याम ने बताया कि उनकी रेंज के वॉचरों ने बृहस्पतिवार देर शाम दियोरिया रेंज से जुड़ने वाली माला रेंज की सीमा पर दो बाघों के पगचिह्न देखे हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों बाघों ने दियोरिया रेंज के जंगल को छोड़कर माला रेंज के जंगल में प्रवेश किया है। दियोरिया रेंजर वीके गुप्ता ने इस बात की पुष्टि न करते हुए कहा कि बाघ पूरे जंगल में कहीं भी जा सकते हैं। विधायक रामसरन वर्मा, एसडीएम राकेश गुप्ता, रेंजर वीके गुप्ता और प्रशिक्षु डीएफओ सौरीश सहाय बृहस्पतिवार को बाघ हमले का शिकार हुए युवकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
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