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घटना से कुछ देर पहले बाइक सवार दंपती पर बाघ ने किया था हमला

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पूरनपुर। दियोरिया जंगल में बाइक सवार युवकों पर हुए बाघ हमले से पहले बाघ ने उधर से गुजरे एक अन्य बाइक सवार दंपती पर भी हमले का प्रयास किया था। मगर बाइक सवार तेजी से अपनी बाइक को भगा ले गया। वहीं जंगल से रात में निकले बाइक सवार युवकों ने अगर वन चौकी बैरियर पर मौजूद संविदा कर्मचारी की बात मान लेते तो शायद दोनों युवकों की जान बच सकती थी। चलती बाइक पर बाघ के हमले की यह पहली घटना है। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से पूरनपुर-दियोरिया मार्ग पर जंगल क्षेत्र में रात्रि आठ बजे से सुबह छह बजे तक आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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दियोरिया जंगल में वन चौकी से करीब आधा किलोमीटर दूर सड़क पर दो बाघ होने की जानकारी वनकर्मियों को थी। इसकी जानकारी वन कर्मचारियों ने रात को दियोरिया से पूरनपुर आ रहे दियोरिया कोतवाल मनीराम को भी दी थी। तीनों बाइक सवार जब गांव जाने को जंगल में प्रवेश कर वन चौकी पर पहुंचे। तब तैनात संविदा कर्मचारी ने बाइक सवारों को सड़क पर बाघ होने की जानकारी दी थी। साथ ही कहा था कि कुछ और राहगीर हो जाए तभी एक साथ निकल जाना। मगर बाइक सवार नहीं माने। वन चौकी से करीब आधा किलोमीटर चलने पर ही दोनों बाघों ने सोनू और कंधई पर हमला कर मार डाला। विकास भाग कर घटना स्थल के समीप एक पेड़ पर चढ़ गया। बाघ कंधई लाल के शव को खींचकर घटनास्थल से करीब चार सौ मीटर दूर ले गया। जबकि सोनू का शव घटना स्थल के समीप पड़ा मिला। बाघों ने कंधई लाल के आधे शव को खा लिया। अगर बाइक सवारों ने वनकर्मी की सलाह मान ली होती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। घटना से कुछ समय पहले करीब आठ बजे जंगल रास्ते से गांव कनपारा निवासी सत्यपाल अपनी पत्नी सोमवती के साथ बाइक से निकला था। सत्यपाल ने बताया कि पत्नी के साथ बरेली इलाके के एक धार्मिक स्थल पर प्रसाद चढ़ाकर लौट रहे थे। घटना स्थल के पास सड़क किनारे बैठे बाघ को नहीं देख पाए। बाघ के पास पहुंचने पर उसने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। बाघ ने उसकी बाइक का कुछ दूरी तक पीछा भी किया था।
दिन में भी ग्रुप बनाकर जाने की अपील
पूरनपुर-दियोरिया रोड पर वाहनों का आवागमन न होने से अधिकांश लोग अपने निजी वाहनों से ही आवागमन करते है। इसमें बाइक, साइकिल सवारों के अलावा पैदल निकलने वालों की संख्या खासी रहती है। चलती बाइक पर बाघ के हमला की पहली घटना है। ऐसे में पीटीआर के अफसरों ने शाम आठ बजे से सुबह छह बजे तक जंगल रास्ते से आवाजाही रोक दी गई। दिन में भी बाइक, साइकिल और पैदल निकलने वालों को झुंड के रूप में निकलने के निर्देश दिए गए।
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बाघों की सक्रियता को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पूरनपुर-दियोरिया मार्ग को जंगल क्षेत्र में रात्रि आठ बजे से सुबह छह बजे तक बंद कर दिया गया है। निगरानी के लिए वनकर्मियों की टीमों को लगाया गया है। कैमरे भी लगाए गए हैं।
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- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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