बरसात में महज एक माह से भी कम समय रह गया है, लेकिन जमीनों पर अवैध कब्जा करने के नियत से वमनी नदी का रुख मोड़ने को अवैध रूप से खोदे गए भाग को तीन माह बाद भी नहीं पाटा गया है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि समय से नदी के खोदे गए भाग को नहीं पाटा गया तो गुन्हान और रमनगरा में बड़े पैमाने पर बर्बादी हो सकती है। उधर, इस मामले में राजस्व विभाग ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है। वहीं खुफिया विभाग ने गांव पहुंचकर इस मामले की बाढ़ पीड़ितों से जानकारी की है।
नेपाल की वमनी नदी, जिसे नेपाल के कई छोटे बड़े नालों को मिलाकर अंतर्राष्ट्रीय सीमा पिलर नंबर 28 के समीप डाला गया था। बताते हैं कि पहली ही बरसात में यह नाले वमनी नदी में तब्दील हो गए है, जिसके चलते अब तक सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि कटान के चलते रेतीली हो चुकी है। उधर, दो माह पूर्व कुछ अवैध कब्जेदारों ने बाढ़ पीड़ितों की जमीनों पर कब्जा करने की नियत से वमनी का रुख मोड़ने के लिए गुन्हान क्षेत्र में जेसीबी मशीन से खुदाई कराई थी। गांव के लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाने के साथ राजस्व अधिकारियों से शिकायत की थी। अफसरों के निर्देश के बाद राजस्व निरीक्षक बृजेंद्र राना व हल्का लेखपाल पूरन सिंह रमनगरा चौकी पुलिस को लेकर गए थे। उन्होंने खुदान क्षेत्र को देखने के बाद अवैध तरीके से खुदाई कर रहे एक ट्रैक्टर समेत दो लोगों को हिरासत में भी लिया था। दूसरे दिन अवैध कब्जेदारों के साथ टाटरगंज और वमनपुर भागीरथ के प्रधान सहित कई लोग रमनगरा चौकी पहुंचे थे और उन्होंने चार दिन के भीतर पटान करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी खुदान क्षेत्र को नहीं पाटा गया है। बरसात नजदीक आने के चलते शारदा नदी का जलस्तर भी अब बढ़ने लगा है, जिसके चलते रमनगरा और गुन्हान क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों की सांसें ऊपर नीचे होने लगी हैं। ग्राम प्रधान प्रशांत राना व ग्रामीणों ने खुदान क्षेत्र का पटान कराने की मांग की है।
इधर अभिसूचना अधिकारी के प्रभारी सहित खुफिया विभाग के लोग रमनगरा पहुंचे और प्रधान से मामले की जानकारी की। बताया कि एक बार गांव शारदा से बर्बाद हो चुका है, यदि खुदान क्षेत्र को नहीं पाटा गया तो वमनी नदी का रुख गुन्हान और रमनगरा की ओर हो जाएगा। खुफिया विभाग अब इस मामले की रिपोर्ट डीएम को देगा।