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कहीं रसोइया को ढूंढते रहे बच्चे, तो कहीं झाड़ू लगाने में बीता दिन

Sat, 01 Jul 2017 07:27 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
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ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद पहली जुलाई को परिषदीय स्कूलों के ताले तो खुल गए, लेकिन अधिकांश स्कूलों में पहला दिन खानापूरी कर ही बीता। अमर उजाला टीम ने शनिवार को स्कूल चलो अभियान के पहले दिन की हकीकत जानने का प्रयास किया तो कहीं स्कूली बच्चे रसोइया को ढूंढते रहे, तो कहीं व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने के चलते बच्चों को घर वापस भेज दिया गया। यदि कहीं बच्चे मिले भी तो उनकी संख्या पांच से दस के बीच ही पाई गई।
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पीलीभीत शहर
जलभराव के चलते बच्चों को लौटाया
समय: 11.10 बजे
चीनी मिल परिसर में स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौहनिया पड़ोस के कर्मचारी विश्रामालय में चलता मिला। यहां दोनों स्कूलों का स्टाफ तो मौजूद था, लेकिन बच्चे नदारद थे। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका फातिमा बेगम व हंसनी गंगवार ने बताया कि निर्माण होने के चलते स्कूल इस भवन में शिफ्ट किया गया है। बच्चे तो आए थे, लेकिन बाहर पानी भरा होने से बच्चों को वापस कर दिया गया।
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पूरनपुर
बच्चे नदारद, रसोईघर में लगा मिला ताला
समय: 10.45 बजे
उच्च प्राथमिक विद्यालय घुंघचाई में भी बच्चों का दूर-दूर तक नामों निशान नहीं था। हालांकि स्कूल के बरामदे में इंचार्ज अध्यापिका सुमन वाजपेई व शिक्षक आशेष अवस्थी बैठे मिले। बच्चों के बाबत पूछने पर इंचार्ज अध्यापिका ने बताया कि बच्चे घर गए हुए हैं। वहीं रसोईघर में ताला लगा मिला। यहां 50 बच्चे पंजीकृत होना बताया गया।
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बीसलपुर
स्टाफ बतियाने में रहा मस्त, बच्चों ने लगाई झाड़ू
समय: 9.00 बजे 
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हाफिजनगर बन्हाई में सुबह नौ बजे तक केवल तीन बच्चे ही पहुंचे। यहां सभी शिक्षक 8.20 बजे तक विद्यालय में आ गए थे। प्रधानाध्यापक कालीचरन ने बताया कि सफाईकर्मी के न आने के कारण बच्चों से ही विद्यालय में झाड़ू लगवाई गई। शिक्षण कार्य न होने के चलते शिक्षकों का पूरा समय बतियाने में ही बीता।
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बरखेड़ा
रसोइया को ढूंढते रहे बच्चे 
समय: 08.35 बजे
प्राथमिक विद्यालय जगीपुर में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका हरप्यारी देवी व शिक्षिका राजेश्वरी तो मौजूद मिली, लेकिन कक्षाओं से बच्चे नदारद मिले। हालांकि दरी पर बच्चे को बस्ते रखे मिले। पूछने पर इंचार्ज प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बच्चे रसोइया को ढूंढने गए हैं। कुछ देर बाद बच्चों के स्कूल पहुंचने पर आनन फानन में उन्हें पंक्तिबद्ध करते हुए बिठा दिया गया।
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माधोटांडा
सिर्फ पांच बच्चे आए स्कूल
समय: 08.55 बजे
प्राथमिक विद्यालय माधोटांडा नंबर एक में पंजीकृत 123 बच्चों में मात्र पांच बच्चे ही मिले। यहां इंचार्ज प्रधानाध्यापक अवनीश अवस्थी, शिक्षक छोटेलाल, संध्या पांडे प्रवेश वर्मा व तबस्सुम खां मिले। इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने बताया कि पहले दिन मात्र पांच बच्चे ही आए हैं, सभी के लिए एमडीएम की व्यवस्था की जा रही है। 13 नए एडमिशन भी किए गए हैं।
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अमरिया
पहले दिन 11 विद्यार्थी आऐ
समय: 10.30 बजे
प्राथमिक विद्यालय सरेनी तिरकुनिया में पंजीकृत 151 बच्चों में मात्र 11 बच्चे ही पढ़ते मिले। वहीं प्रधाध्यानिका सावित्री देवी व अन्य शिक्षक गर्मी के चलते हाथ से पंखा झलाते मिले। जानकारी करने पर बताया गया कि पहले दिन 11 बच्चे उपस्थित हुए हैं। एक नया एडमिशन किया गया। यहां एमडीएम तैयार होता मिला।
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बिलसंडा
पंजीकृत 111 बच्चों में से कोई नहीं पहुंचा स्कूल 
समय:12.20
प्राथमिक विद्यालय रामनगर का हाल कमोवेश अन्य स्कूलों जैसा ही दिखा। यहां भी बच्चे नदारद मिले। स्कूल के प्रधानाध्यापिका अमिता जायसवाल, शिक्षिका उपासना, मीनाक्षी व श्वेता मौजूद मिले। बताया कि स्कूल में 111 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन बच्चे नहीं आए हैं। इसको लेकर संपर्क भी किया गया था। 
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