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Pilibhit News: जब बाघ बना लेता है निवाला तब जागते हैं वन विभाग के अफसर

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मृतक रामप्रसाद फाइल फोटो
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पूरनपुर। जंगल से निकलकर बाघ जब किसी ग्रामीण को निशाना बना लेता है, वन विभाग के अफसर तभी जागते हैं। बाघ की निगरानी और पकड़ने के प्रयास भी ग्रामीणों के आक्रोश के बाद शुरू होते हैं। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांवों में बाघ के हमले में पांच दिन में दो किसानों की मौत की घटना वन विभाग की इसी लापरवाही को उजागर कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब छह माह से बाघ की चहलकदमी बनी थी। पकड़ने के बजाय निगरानी के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जाने से इंसानाें की जान जा रही है।
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सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में बाघ की चार किमी के दायरे में सक्रियता बनी हुई है। गांव सुल्तानपुर, नजीरगंज, चतीपुर, पिपरा, पटिहन समेत कई गांव की सीमा में बाघ आबादी के नजदीक खेतों में घूम रहा है। पूर्व में कई बार बाघ के वीडियो भी वायरल हुए हैं। बावजूद इसके वन अफसर गंभीर नहीं हुए। घटनाओं के बाद चंद वन कर्मियों को भेजकर निगरानी की औपचारिकताएं निभाई जाती रहीं।
लंबे समय से जंगल से दूर रहने के साथ पशुओं पर हमले के चलते बाघ का स्वभाव हिंसक हो गया है। नतीजतन इंसान भी उसकी पकड़ में आने लगे हैं। पांच दिन पूर्व बाघ ने एक किसान को खेत पर सिंचाई करते समय हमला कर मार दिया था। घटना के बाद ग्रामीणों में रोष बढ़ा था।
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खुटार रेंज प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ाते हुए कैमरे और पिंजरा भी लगाया गया था। रेंजर ने दावा किया था कि बाघ को पकड़ने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार भी किए गए हैं, लेकिन ग्रामीण विभाग के दावे को दरकिनार कर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
उनका कहना है कि छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी वन अफसर बाघ को नहीं पकड़ सके हैं। विभाग के सामने इंसानाें की जान की कीमत कुछ नहीं है। घटना के बाद गंभीरता दिखाने का रवैया अपनाकर फिर लापरवाह हो जाते हैं। पांच दिन पूर्व ग्रामीण की मौत के बाद कैमरे और पिंजरा लगाने के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई गईं।
चंद कर्मचारी क्षेत्र में घूमकर फोटो खिंचवाने तक कार्य कर रहे थे। यही वजह रही कि बाघ ने एक और ग्रामीण को मार डाला। खुटार रेंजर मनोज कुमार का कहना है कि क्षेत्र में पूर्व से ही निगरानी बढ़ा दी गई थी। अनुमति मिलते ही बाघ को पकड़ने के प्रयास शुरू किए जाएंगे।


विधायक ने मुख्यमंत्री से की बाघ पकड़वाने की मांग

पूरनपुर। विधायक बाबूराम पासवान ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। गांव नजीरगंज और चतीपुर में बाघ के हमले में दो किसानों की मौत और कई छुट्टा पशुओं को निवाला बनाए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने जंगल किनारे तार फेंसिंग कराने, बाघ को पकड़वाने की मांग की। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही तार फेंसिंग कराने का आश्वासन दिया है। विधायक के साथ प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव वीरेंद्र प्रताप सिंह ध्रुव, बहादुर सिंह, इशेंद्र शाह कठेरिया थे। संवाद






आधी रात तक चला हंगामा, प्रभारी डीएफओ के आश्वासन पर माने ग्रामीण
पूरनपुर। थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव चतीपुर निवासी किसान की बाघ के हमले में मौत से नाराज परिजन और ग्रामीण रविवार रात करीब एक बजे तक विरोध-प्रदर्शन करते रहे। मुआवजा और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। विधायक बाबूराम पासवास, एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, सीओ प्रगति चौहान और तहसीलदार हबीब उर रहमान के समझाने पर भी आक्रोशित लोग नहीं माने।
हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि वन विभाग के अफसर किसानों की मौत का इंतजार कर रहे थे। अब उनके न आने तक शव को नहीं जाने दिया जाएगा। आधी रात को शाहजहांपुर के प्रभारी डीएफओ पहुंचे। बाघ को पकड़वाने, खुटार रेंजर पर कार्रवाई, मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने के लिखित आश्वासन पर लोग शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमाॅर्टम को भेजा। संवाद

मृतक रामप्रसाद फाइल फोटो

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