पीलीभीत। नगर पालिका के लिए स्वच्छता पखवाड़ा सिर्फ कागजी खानापूर्ति का अभियान बनकर रह गया है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नगर क्षेत्र में पालिका के कागजों में संचालित 27 वार्डों में 12 सार्वजनिक शौचालय में सिर्फ तीन का ही संचालन हो रहा है। अन्य नौ शौचालयों में ताले जड़े हुए हैं। पालिका की अनदेखी के कारण सबसे अधिक समस्या महिलाओं को झेलनी पड़ रही है।
एक ओर प्रशासन व जनप्रतिनिधि नगर निकाय स्तरों पर प्रधानमंत्री के जन्मदिन से लेकर गांधी जयंती तक 15 दिवसीय स्वच्छता पखवाड़ा मना रहे हैं। पार्क, मंदिरों आदि की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। वहीं, नगर पालिका स्वच्छता पखवाड़े को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। बता दें नगर पालिका क्षेत्र में पूर्व में सभी मार्गों का चिह्निकरण कर पालिका ने 12 सार्वजनिक शौचालय बनवाए। इसमें लाखों रुपये का खर्चा भी आया। मगर, शौचालयों का संचालन कराना जरूरी नहीं समझा।
अनदेखी का हाल यह है कि शहर के नौगवां चौराहा, रामस्वरूप पार्क व कचहरी परिसर में बना सार्वजनिक शौचालय चालू है। तखान, डिग्री कॉलेज चौराहे के पास, जिला अस्पताल परिसर समेत अन्य नौ शौचालयों पर ताला लटका रहता है। किसी की हालात इतनी खराब है कि दुर्गंध के चलते वहां जाना दुश्वार है।
खुद केयर टेकर दे रहे ठेकेदार को दो हजार
शहर में जो सार्वजनिक शौचालय संचालित हो रहे हैं। उनके संचालन के लिए केयर टेकर रखा गया है। इसको संस्था की ओर से कोई मानदेय नहीं मिल रहा है। नाम न बताने की शर्त पर एक केयर टेकर ने बताया कि जो भी लोग शौचालय आते हैं। उनसे 5-10 रुपये लिए जाते है। बाकी दो हजार रुपये ठेकेदार को दिए जाते हैं।
ट्रांसफार्मर के पीछे बना सार्वजनिक शौचालय
शहर के वार्ड 18 में मोहल्ला तखान गली में सार्वजनिक शौचालय जब बनाया गया तो कुछ दिन तो लोगों ने इसको उपयोग किया। बाद में नगर पालिका की ढील के चलते बिजली विभाग ने सार्वजनिक शौचालय की खुली जगह में अपना ट्रांसफार्मर लगा दिया। अब बिजली के डर से कोई नहीं जाता।
वर्जन
नगर पालिका क्षेत्र में बंद पड़े सभी सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति की पड़ताल की जाएगी। जल्द ही सभी का संचालन कराया जाएगा।- संजीव कुमार, ईओे नगरपालिका पीलीभीत
वर्जन
सार्वजनिक शौचालय के संचालन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। हर जगह केयरटेकर की व्यवस्था कराकर इनका संचालन कराया जाएगा। स्वच्छता पखवाड़े में ही शुरू होने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. आस्था अग्रवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद