पीलीभीत। कायाकल्प से विद्यालय भवनों के कायाकल्प के दावे भी कागजी साबित हो रहे हैं। नए भवनों का रंग-रोगन कराकर वाहवाही लूटने वाले जिम्मेदार जर्जर भवन वाले परिषदीय स्कूलों से बेखबर ही रहे।
नीलामी कराकर जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तक पूरी नहीं करा सके। ऐसे में बच्चों का ध्यान किताबों पर कम, कमरों और बरामदे की छत से झांकती सरिया, टूटकर गिरते प्लास्टर पर अधिक रहता है। कैसी है पाठशाला...मुहिम के तहत संवाद न्यूज की टीम ने शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों का हाल जाना तो शिक्षकों और बच्चों में जर्जर भवन से हादसे का डर दिखा।
तीन अतिरिक्त कक्ष जर्जर, पहले ही ढह चुका है रसोईघर
पीलीभीत। शहर से सटे मरौरी ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय देशनगर अलीगंज के भवन की हालत भी ठीक नहीं है। स्कूल के तीन अतिरिक्त कक्ष जर्जर हैं। इनमें ताला लगा रहता है। स्कूल का रसोईघर पूर्व में ही ढह चुका है।
प्राथमिक विद्यालय वाले भवन के बरामदे में प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। पुट्टी आदि लगाकर छत के जख्मों को भरने का प्रयास किया गया है। शुक्रवार की सुबह नौ बजे कक्षाएं चल रहीं थीं। शिक्षक, शिक्षण कार्य में लगे थे। परिसर में जलभराव दिखा। प्रधानाध्यापक अनीता गोयल ने बताया कि स्कूल में कक्षा एक से आठ तक 175 बच्चे पंजीकृत हैं। जर्जर कमरों की सूचना अधिकारियों को दी जा चुकी है। संवाद
कमरे जर्जर, दीवार और छत में जगह-जगह दरार
जहानाबाद। ब्लाक ललौरी खेड़ा क्षेत्र के गांव तेजनगर महताब नगर के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे किताब कम स्कूल के जर्जर भवन की ओर अधिक ताकते नजर आते हैं। स्कूल का भवन पूरी तरह से जर्जर है। भवन में कार्यालय, दो कमरे और एक बरामदा है। दीवारें और छत में जगह-जगह दरार दिखती है। अनहोनी की आशंका से अभिभावक भी भयभीत रहते हैं।
शुक्रवार को बच्चे इन जर्जर कमरों में ही बैठकर पढ़ते नजर आए। प्रधानाध्यापक अमित ने बताया कि विद्यालय में 39 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें 23 बालक और 16 बालिकाएं हैं। कमरों की खिड़की की किबाड़ें टूटी हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि भवन की स्थिति के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। संवाद
छतें और दीवारें कमजोर, जान हथेली पर रखकर पढ़ते हैं सौ बच्चे
घुंघचाई। पूरनपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पुन्नापुर टांडा के जर्जर भवन से बच्चे, शिक्षक और अभिभावक भयभीत हैं। स्कूल में 100 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय की छत और दीवारें कमजोर हो चुकी हैं। छत और लिंटर का प्लास्टर भी टूट रहा है। दीवारों पर दरारें और लिंटर की लोहे की सरियां दिख रहीं हैं। बच्चों और शिक्षकों को डर के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है। बारिश के मौसम में भय और ज्यादा बढ़ जाता है। इसके बाद भी अफसर बेपरवाह हैं। भय के माहौल में शिक्षा भी भगवान भरोसे है। संवाद
जर्जर भवनों को पूर्व में ही चिह्नित किया जा चुका है। बच्चों काे इन भवनों में न बैठाने का निर्देश दिया गया है। नीलामी की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। जर्जर भवनों के निस्तारण की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा। - अमित कुमार सिंह, बीएसए
कंपोजिट विद्यालय देशनगर अलीगंज के जर्जर अतिरिक्त कक्ष में लगा ताला संवाद
कंपोजिट विद्यालय देशनगर अलीगंज के जर्जर अतिरिक्त कक्ष में लगा ताला संवाद
कंपोजिट विद्यालय देशनगर अलीगंज के जर्जर अतिरिक्त कक्ष में लगा ताला संवाद