पीलीभीत। इस बार सितंबर में अनुमान के हिसाब से बारिश नहीं हुई। उम्मीद से कम बारिश होने से सितंबर के महीने में अप्रैल-मई जैसी भीषण गर्मी पड़ी। मगर, मौसम विशेषज्ञों ने सितंबर के चौथे हफ्ते में भीषण गर्मी से निजात मिलने के अलावा कहीं हल्की मध्यम तो कहीं भारी बारिश होने की भविष्यवाणी की है। तराई बेल्ट में 21 से 26 सितंबर तक प्रतिदिन तेज हवा के झोकों के बीच हल्की मध्यम या तेज बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक कुछ स्थानों पर ओलावृृष्टि की आशंका भी जता रहे हैं।
सितंबर के तीन हफ्ते बीतने के बाद बारिश न होने से भीषण गर्मी और उमस से लोगों का हाल बेहाल हो गया, जबकि हर साल सितंबर के महीने में मानसून विदाई की ओर होता है। इस महीने एक तरह से सर्दी तक दस्तक देने लगती है। मगर, इस बार बारिश उम्मीद से कम होने से सितंबर के तीसरे हफ्ते तक अप्रैल-मई जैसी उमस और गर्मी पड़ने से लोग आश्चर्यचकित हैं। मौसम वैज्ञानिक बारिश कम होने की वजह जलवायु परिवर्तन मान रहे हैं। मगर, इसी बीच मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बनने के बाद दक्षिण पश्चिम मानसून की जल्द वापसी की भविष्यवाणी की है।
मौसम विभाग के अनुसार इससे मानसून दोबारा सक्रिय होने से 21 सितंबर से 26 सितंबर तक 11 से 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। रोजाना पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। सूर्य थोड़ी-थोड़ी देर के लिए दर्शन देंगे, बाकी समय बादलों की आड़ में रहेंगे। कहीं हल्की मध्यम तो कहीं तेज गति से बारिश होगी। मंगलवार और बुधवार को भी झमाझम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने के भी आसार हैं।
लखनऊ मौसम आंचलिक विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता का कहना है कि इस बार जिस तरह शुरूआती दिनों में जिस तरह से मानसून सक्रिय था, उसमें ज्यादा बारिश का अनुमान था। मगर, अनुमान के हिसाब से कम बारिश हुई है। बारिश कम होने की मुख्य वजह जलवायु का अचानक परिवर्तन होना है। मगर, अभी मानसून की विदाई नहीं हुई है। बंगाल की खाड़ी से जल्द ही मानसून फिर से सक्रिय हो रहा है। इसका असर देश के अधिकांश हिस्से के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी देखने को मिलेगा। आने वाले पांच दिन कभी तेज तो कभी हल्की मध्यम बारिश होगी। मानसून की विदाई अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक होने के आसार हैं।