बीसलपुर। बारिश से गांव बकैनिया दीक्षित निवासी भगवानदास का कच्चा घर सोमवार की रात लगभग तीन बजे अचानक ढह गया। मलबे में दबकर भगवानदास और उनकी पत्नी गीता देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल दंपती को रात में ही सीएचसी में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके अलावा गांव सिमरा अकबरगंज निवासी कन्हईलाल का घर ढह गया, जिसके मलबे से दबकर दो पशु घायल हो गए। बारिश से मोहल्ला दुबे निवासी लक्ष्मी देवी का कच्चा घर ढह गया। गांव खुटराया निवासी ममता देवी और रानी देवी के कच्चे घर बारिश में ढह गए। चीनी मिल में अतिथि गृह के पास चहारदीवारी ढह गई।
सोमवार को रात भर जोरदार बारिश होने से नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र का जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा। मंगलवार को सुबह आठ बजे बारिश खत्म हो जाने और धूप निकल आने से लोगों ने काफी राहत महसूस की। रामलीला रोड, ऊंचा मंदिर के पास वाला रोड, चीनी मिल विद्यालय परिसर, चीनी मिल प्रशासनिक कार्यालय परिसर, गन्ना समिति परिसर, कृषि रक्षा इकाई परिसर, जनता कॉलेज परिसर, मेला परिसर, राजकीय कृषि बीज भंडार परिसर, बाट माप कार्यालय परिसर आदि स्थानों पर काफी जलभराव है।
गांव बैरा के बीच से गुजरने वाले मुख्य मार्ग और गांव रंभोजा के पास से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर मंगलवार को दोपहर तक काफी जलभराव रहा। जलभराव वाले इलाकों में लोगों को विशेष से महिलाओं और बच्चों को आने जाने में काफी दिक्कत हुई। बारह पत्थर रोड नई सब्जी मंडी के पास सोमवार की रात किसी समय पाकड़ का पुराना पेड़ गिर गया, जिसके कारण मंगलवार को काफी देर तक उधर का यातायात प्रभावित रहा। मोहल्ले के लोगों ने रोड पर पड़ी पाकड़ को हटाया, तब कही जाकर उधर का यातायात सुचारु हुआ। गांव बैरा के पूर्व प्रधान कैलाश शर्मा ने बताया कि उनके गांव के दो बड़े तालाब पिछले दो दशकों से नहीं भर पाए थे, लेकिन वे तालाब पिछले दो दिनों की बारिश में पूरी तरह से लबालब हो गए हैं। गांव रंभोजा निवासी 89 वर्षीय हजारीलाल दीक्षित ने बताया कि उन्होेंने अपनी अब तक की उम्र में अक्तूबर माह में इतनी बारिश कभी नहीं देखी। मंडी परिसर में बारिश का काफी पानी भर जाने से वहां सूख रहे किसानों के धान खराब हो गए। परिसर से क्रय केंद्रों तक जाने के लिए मंडी प्रशासन ने पटले डलवाए हैं।
जलभराव के हालात देखने पहुंचे विधायक
भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने मंगलवार को तहसीलदार जनार्दन के साथ मंडी पहुंचकर जलभराव की स्थिति देखी। उन्होंने मंडी कर्मचारियों को मजदूर लगाकर तत्काल जलभराव खत्म कराने को कहा। विधायक ने तहसीलदार को मंडी के क्रय केंद्रों पर बारिश के कारण ठप हुई धान की तौल तत्काल शुरू कराने को कहा है। इधर, तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने सभी लेखपालों को बारिश में हुए नुकसान की क्षति का आकलन अतिशीघ्र करने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार ने बताया कि लेखपालों की रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। इधर, बारिश होने से रामलीला मेले में लगी दुकानें पूरी तरह से तहस नहस हो गई है। दुकानदारों का काफी ज्यादा नुकसान हो गया है। दुकानदार मंगलवार को पूरे दिन अपनी दुकानों में भरे पानी को निकालने में लगे रहे। जलभराव के संबंध में पूछने पर एसडीएम राकेश गुप्ता ने बताया कि बुधवार तक अधिकांश जलभराव खत्म हो जाएगा। बुधवार के बाद यदि कहीं जलभराव की शिकायत मिली तो उसका निस्तारण कराया जाएगा।