पीलीभीत। गुरुवार तड़के अचानक आई तेज आंधी और बारिश बड़ा नुकसान पहुंचाया। कई जगह पोल और पेड़ गिर गए, इससे शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। वहीं आंधी के बीच छत से उतरते वक्त सीढ़ियों से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। दूसरी तरफ तापमान लुढ़क गया, इससे मई में अब भी मार्च जैसी सर्दी महसूस हुई। गुरुवार को दिन में चटक धूप खिलने के बाद भी उसकी तीव्रता कम थी।
लॉकडाउन के चलते इस बार फैक्ट्री, वाहन, ट्रेनें बंद होने से वातावरण पहले से ही स्वच्छ है। मई के पहले हफ्ते में भी अब तक उस तरह की गर्मी नहीं पड़ी, जैसी कि हर साल इस महीने में पड़ती है। हर साल अप्रैल-मई में लोग पसीने से तरबतर हो उठते थे। सूर्य की धूप बर्दाश्त नहीं होती थी। मगर, इस बार सुबह की ताजी हवा वातावरण में गुनगुनी सर्दी का अहसास करा रही है। सभी पूर्वानुमानों को ध्वस्त करते हुए बुधवार को आधी रात के बाद अचानक मौसम ने अंगड़ाई ली। तेज आंधी आई, जिसने धुंध के गोल आकार बनाकर वातावरण में धुंध पैदाकर दी। 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने धूल और कूड़े को घरों में भर दिया। हवा का झोंका इतना तेज था कि छतों या घर के आंगन से कम वजन का सामान अपनी जगह से हटकर दूसरी जगह जा गिरा। आंधी के साथ बड़ी बूंदों के साथ कुछ देर तेज बारिश भी हुई।
बीसलपुर। बौनी गांव में आंधी और बारिश शुरू होने पर छत से नीचे उतरते समय सीढ़ियों से गिरने से 35 वर्षीय किसान सोनपाल की मौत हो गई। बुधवार रात खाना खाने के बाद वह छत पर सोने चले गए थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य कमरों में सोए थे। आंधी-बारिश आने पर सोनपाल जाग गए और हड़बड़ाकर छत से उतरने लगे। नींद में होने की वजह से उतरते वक्त वह सीढ़ियों से नीचे गिरकर घायल हो गए। आनन-फानन में परिजन सीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान किसान की मौत हो गई। आंधी-बारिश में गांव मोहम्मदपुर भजा में पेड़ बिजली के खंभे पर आ गिरा। इससे पोल क्षतिग्रस्त हो गया। नगर में कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए। रामलीला रोड पर रेंज कार्यालय के पास सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात कई घंटे तक बाधित रहा।
आधी रात से गड़बड़ाई बिजली दूसरे दिन दोपहर तक हो सकी सुचारू
तेज हवा के साथ हुई बारिश ने शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली गुल कर दी। टनकपुर हाईवे समेत कई स्थानों पर पेड़ों से टूटकर गिरी टहनियों से तारों में फाल्ट तो कुछ जगह ट्रांसफार्मर खराबी से बिजली सप्लाई ठप पड़ गई। उपभोक्ता रात भर बिजली न आने से परेशान होते रहे।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हर गली और मुख्य मार्ग पर बिजली के तार पेड़ों की टहनियों के बीच से होकर गुजर रहे हैं। इसको लेकर कई बार पेड़ों की छंटनी कराने की मांग की गई लेकिन पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर टालते रहे। इसका खामियाजा बुधवार को आंधी-बारिश होते ही उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ा। बुधवार रात 12 बजे के बाद जैसे ही मौसम ने बदला बिजली गुल हो गई। तेज हवा और बरसात से टनकपुर हाईवे, नकटादाना-खकरा मार्ग, निरंजनकुंज कॉलोनी, बरेली रोड, बीसलपुर रोड पर पेड़ों की टहनियां टूटकर तारों पर गिर गईं। इससे फाल्ट हुए और तार भी क्षतिग्रस्त हो गए। शहर की बिजली रात भर गुल रही। बृहस्पतिवार सुबह पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने पेड़ों की टहनियां छंटवाकर बिजली सप्लाई शुरू कराई। दोपहर तक खराबी को दूर किया गया। मोहल्ला आसफजान, साहूकारा, डोरीलाल, सुनगढ़ी, नई बस्ती में दिन भर बिजली आती-जाती रही।
आंधी में पेड़ों की टहनियां टूटकर तारों पर गिर गई थीं। इससे फाल्ट होने पर बिजली तारों में खराबी आई थी। विभागीय टीमें लगाकर सुधार करा दिया गया है। अब कहीं दिक्कत नहीं है। - अतुल कुमार, एसडीओ टाउन
दो दिन बाद फिर हो सकती है बारिश
बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे तक आंशिक बादल छाए रहे। उसके बाद कम तीव्रता की धूप निकली। न्यूनतम तापमान में भी 2.0 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। मई में जहां तापमान हमेशा बढ़ता है, वहीं इस बार तापमान में उतार-चढ़ाव से मौसम वैज्ञानिक भी हतप्रभ हैं। लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ.जेपी गुप्ता का कहना है कि इस बार भूमध्य सागर के उठते पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बार-बार बदल रहा है। लॉकडाउन के चलते कारखाने बंद होने के बलावा वाहनों जैसे कि बस, ट्रेन समेत अन्य वाहनों का आवागमन बेहद कम होने से हवा स्वच्छ है और वातावरण शांत। इसलिए पश्चिमी विक्षोभ का वातावरण पर व्यापक असर है। अभी नौ मई तक आंशिक बादल छाए रहने के अलावा आसमान फिलहाल साफ रहेगा। 10 मई को मौसम में एक बार फिर बदलाव हो सकता है। मगर, आने वाले दिनों में धूप की तीव्रता बढ़ने से गर्मी और उमस बढ़ेगी।