पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर मझोला क्षेत्र में सुबह छाया घना कोहरा। संवाद
पीलीभीत। तराई के जिले में इस बार न्यूनतम तापमान लगातार नीचे लुढ़कता रहा। साथ ही बर्फीली हवा चलने के कारण शीतलहर में कमी नहीं आ रही है। शुक्रवार की रात बेहद ठंडी रही। इस दौरान न्यूनतम तापमान घटकर 3.8 डिग्री रह गया। हालांकि दिन में अच्छी धूप खिलने से लोगों को काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने अभी दो दिन और शीतलहर जारी रहने की संभावना जताई है।
बीते 27 दिसंबर को जिले में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया था। उसके बाद से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आती रही है। इसी वजह से तराई के जिले में रातें बेहद ठंडी रहने लगीं। शनिवार को सुबह वातावरण में घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान सड़कों पर दृश्यता शून्य हो गई। ऐसे में चालकों को घने कोहरे के बीच अपने वाहनों को सुरक्षित निकालना मुश्किल होने लगा। सड़कों पर चंद वाहन ही रेंगते हुए नजर आए। हालांकि बाद में कोहरा छंटते ही अच्छी धूप खिली। लोगों का कहना है कि करीब पखवाड़े भर बाद ऐसी गुनगुनी धूप का आनंद मिला।
राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ढाका ने पंतनगर स्थित कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के हवाले से जानकारी दी कि शनिवार को न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया। यह सर्दी के सीजन का सबसे कम तापमान रहा। उन्होंने बताया कि दिन में अच्छी धूप खिलने के कारण अधिकतम तापमान 14.6 से बढ़कर 15.9 डिग्री सेल्सियस हो गया। डॉ. ढाका के अनुसार अब न्यूनतम तापमान में धीरे धीरे बढ़ोतरी होने और दोपहर में धूप खिलने से लोगों को राहत मिलेगी। अलबत्ता धूप खिलने के बावजूद पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होने से ठंड का प्रभाव तराई में बना रहेगा। उन्होंने अगले दो दिन और शीतलहर जारी रहने की संभावना जताई है।
मझोला। शनिवार की सुबह क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई। कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग सतर्कता के साथ आवागमन करते नजर आए। सुबह करीब दस बजे के बाद कोहरा धीरे-धीरे छंटना शुरू हुआ। इसके बाद धूप खिलने से लोगों को राहत मिली।