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पांच साल से नहीं हुई ओवरहेड की सफाई, दूषित पानी पीने को मजबूर शहरवासी

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पीलीभीत। नगरपालिका का जलकल विभाग संक्रामक रोगों को लेकर संजीदा नहीं है। शहरवासियों को शुद्ध पानी पहुंचाने का दावा तो किया जाता है, मगर पानी की टंकी की सफाई पांच साल से नहीं हुई है। इस लापरवाही के चलते लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। यही नहीं बसपा सरकार में बनाई गई कांशीराम कॉलोनियों में पानी की सप्लाई के लिए बनाई गई तीनों पानी की टंकियां बंद पड़ी हैं।
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ढाई लाख की आबादी वाले शहर में कुल 27 वार्ड हैं। इनमें 59 मोहल्ले और 20 कॉलोनियां है। इन इलाकों में पीने के शुद्ध पानी आपूर्ति की जिम्मेदारी नगरपालिका के जलकल विभाग की है। इसके लिए सात ओवरहेड टैंक और पांच पाइप सेट बने हैं। इनमें वाटर वर्क्स, आवास विकास कॉलोनी, यशवंतरी देवी मंदिर, नकटादाना चौराहा में एक-एक और तीन टैंक कांशीराम कॉलोनियों में बने हुए हैं। इन ओवरहेड टैंकों से शहर के मोहल्ला फीलखाना, पंजाबियान, हाथीखाना, बागगुलेशर खां, काला मंदिर, लेखराज चौराहा, तखान, बेनी चौधरी, मोहम्मद फारुख समेत विभिन्न इलाकों में पानी की सप्लाई जाती है, लेकिन इन इलाकों में पहुंचने वाला पानी पीने योग्य नहीं कहा जा सकता।
अधिकांश इलाकों में दूषित पानी पहुंच रहा है। जिसमें गंदगी के साथ कीड़े भी निकल रहे हैं। जिस कारण ओवरहेड टैंकों की सालों से सफाई न होना है। ओवरहेड टैंकों में काई और गंदगी के ढेर लगे हुए है। वाटर वर्क्स में बने टैंक पर उसकी सफाई की अवधि एक अगस्त 2016 अंकित है। इसके बाद से वहां सफाई कार्य नहीं कराया गया है। जबकि टंकी की सफाई होने के बाद उस पर सफाई का समय अंकित किया जाता है। सफाई न होने पर गंदा पानी घरों में पहुंच रहा है। कांशीराम कॉलोनी आवास विकास में बने ओवरहेड टैंक खराब पड़े थे। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यहां का ओवरहेड टैंक लंबे समय बंद है। पाइप सेट भी खराब है। कई बार नगरपालिका में शिकायत की, तो उसे ठीक करने के बजाए आवास विकास कॉलोनी में बनी टंकी से पानी की सप्लाई शुरू कर दी, लेकिन पाइप लाइन टूटी होने के कारण घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है। जिससे पीने के बाद बच्चे और बुजुर्ग और सभी बीमार हो रहे हैं।
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पाइप सेट पर लगे डोजर भी पड़े बंद
जलकल विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक क्लोरिनेशन के लिए ट्यूबवेल के निकासी पाइप पर डोजर लगाए जाते हैं। जो पाइप लाइन में जाने वाला पानी गंदगी और अन्य कीटाणुओं को खत्म कर पानी को शुद्ध करता है, लेकिन वर्तमान में सभी पाइप सेट पर लगे डोजर बंद पड़े हैं। डोजर बंद होने से बिना क्लोरिनेशन वाला पानी पीने को मजबूर हैं। ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं।
कॉलोनी में सरकारी हैंडपंप खराब है। टंकी से आने वाले पानी में गंदगी और रेता निकलता है। जिससे पीने से कॉलोनी के लोग बीमार हो रहे हैं। हमारी कोई भी सुनने वाला नहीं है। - इरशाद, कांशीराम कॉलोनी
कॉलोनी सालों से बदहाली का दंश झेल रही है। न तो सफाई होती है, और न ही पीने योग्य पानी मिल रहा है। नगरपालिका में शिकायत के बाद भी कोई फायदा नहीं। तरन्नुम, काशीराम कॉलोनी, आवास विकास
जिले में पानी की कोई समस्या नहीं है, लेकिन पीने योग्य पानी नगरपालिका उपलब्ध नहीं कर पा रही है। समय से सफाई और दवाएं डाली जाए। तो काफी हद तक राहत मिलेगी। - अबसार खान, जोशीटोला
शहर में स्थापित सभी पानी की टंकियों की समय पर सफाई कराई जाती है। कोरोना के चलते कुछ टंकियों की सफाई नहीं हो सकी है। अब उन्हें भी जल्द साफ कराया जाएगा। कांशीराम कॉलोनी की पानी की टंकी बंद होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका
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