पूरनपुर। बाढ़ का पानी निकल जाने के बाद गांवों में भारी मात्रा में नदी की रेत (लोप) रह गई है, ऐसे में चारों ओर दलदल और गंदगी से लोग परेशान है। फिसलन होने के कारण आवागमन में दिक्कत आ रही है। स्थिति इतनी खराब है कि लोग घरों तक से नहीं निकल पा रहे हैं। चूल्हे नहीं जल पाने से भोजन की समस्या है तो साफ पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। समस्या का स्थायी समाधान न होने से लोगों में रोष है।
शुक्रवार को नदी के उफनाने से गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह, खिरकिया बरगदिया, ध्रुव कॉलोनी में आई बाढ़ का पानी सोमवार को पूरी तरह आबादी से तो निकल गया, लेकिन अपने पीछे कई दिक्कतों की बाढ़ को छोड़ गया।
फिलहाल घरों के अंदर छह इंच मोटाई तक कीचड़ के कारण न तो खाना बन पा रहा है और न ही पीने का पानी मिल पा रहा है। घरों के बाहर निकलने तक में दिक्कत आ रही है। दो पहिया वाहन सवारों को भी पैदल आवागमन करना पड़ रहा है। दलदल के कारण लोग फिसल कर गिर रहे हैं। बाढ़, कटान का स्थायी समाधान न होने से नदी किनारे के लोग परेशान हैं। अब तक इन इलाकों में कोई जिम्मेदार झांकने तक नहीं आया है।
हर साल कई किलोमीटर क्षेत्र में नदी तबाही मचाती है, बावजूद इसके सरकार कोई ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं लाती जिससे समस्या का स्थायी समाधान हो सके। नदी की गहरी खोदाई और तटबंध निर्माण से समस्या का समाधान हो सकता है, पर इस दिशा में कोई नहीं सोचता।
- वासुदेव कुंडू, प्रधान, चंदिया हजारा
हर साल तबाही और अन्य परेशानियां झेलते-झेलते अब हिम्मत जवाब देने लगी है। बाढ़ में कई दिन भूखे रहना पड़ता है तो फसलें नदी में समाने और मजदूरी न मिलने समेत तमाम समस्याएं झेलनी पड़ती हैं।
- दिलीप सरकार
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बाढ़ में सब कुछ बर्बाद हो गया है। कच्चे, छप्परपोश घरों से तो हर साल बाढ़ में हाथ धोना पड़ता है। भूखा रहना पड़ता है। सर्वाधिक पीड़ा बच्चों को भूखे-बिलखते देखकर होती है। हर बार नेता समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते है। मगर समस्याओं का स्थायी हल नहीं किया जाता।
-विद्युत मंडल
बाढ़ और कटान से बचाव के लिए इस बार गांव किनारे 18 करोड़ रुपये के काम हुए, मगर इसका कोई नतीजा नहीं निकला। अगर एक बार स्थायी तौर पर समस्या का हल कर दिया जाए तो क्षेत्र में हर साल होने वाली बर्बादी को रोका जा सकता है।
- विक्की मिस्त्री
क्षेत्र के लोगों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाढ़ आने पर जान हथेली पर रखकर ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। कई दिन भूखे-प्यासे रहना पड़ता है। अब बाढ़ समाप्त होने के बाद की भी समस्याएं कम नहीं हैं।
-पारितोष
बाढ़ में कमर, सीने तक घरोंं-आबादी मेंं पानी भर जाता है। कई दिनों तक खुले आसमान के नीचे रहना पड़ता है। संक्रामक बीमारियांं झेलनी पड़ती है। समय से न तो खाना और न दवाई मिल पाती है। मगर कोई समस्या का समाधान नहीं करता।
- अनुजीत मजूमदार
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शिविर लगाकर पशुपालकों को बांटी दवाई
पूरनपुर। पशुपालन विभाग की ओर से गांव चंदिया हजारा में पशु चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर में बीमार पशुओं का परीक्षण कर दवाइयां बांटी गईं। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. अमरेश गंगवार, पशुधन प्रसार अधिकारी शुभेंदु प्रियदर्शी, विकास अग्निहोत्री, रमाकांत, गौरव, सूरज सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
स्वास्थ्य विभाग ने भी बांटी दवाई
पूरनपुर। गांव चंदिया हजारा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर लगाया गया। 404 मरीजों का परीक्षण कर दवाई बांटी गई। बुखार पीडि़त 80 मरीजों की मलेरिया, 30 की डेंगू बुखार की जांच कराई गई। शिविर में चीफ फार्मासिस्ट सुशांत हलधर, एएनएम जितेंद्र कौर आदि मौजूद रहे। सुशांत हलधर ने बताया कि जांच में किसी को मलेरिया, डेंगू बुखार नहीं निकला। संवाद
1200 परिवारों को बांटी राहत सामग्री किट
पूरनपुर। तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को बांटने को दो हजार राहत सामग्री किट प्राप्त हुई हैं। सोमवार को विधायक बाबूराम पासवान ने गांव राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया, कॉलोनी नंबर छह में 1200 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री किट बांटी। उन्होंने बताया कि गांव चंदिया हजारा में आठ सौ राहत सामग्री किट का मंगलवार को वितरण कराया जाएगा। चंदिया हजारा से गांव खिरकिया बरगदिया जाने वाली सड़क पर जलभराव के चलते विधायक बाबूराम पासवान और तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ट्रैक्टर सेो गांव पहुंचे। संवाद
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा का दलदल से पटा फुटबॉल मैदान।स्रोत:ग्रामीण