गजरौला क्षेत्र में माला नदी के पुल में फंसी जलकुंभी। संवाद
गजरौला। थाना क्षेत्र के शिवनगर मार्ग स्थित माला नदी पुल पर जलकुंभी और गंदगी फंसने से पानी निकासी पूरी तरह ठप हो गई। इससे नदी का पानी गांव और खेतों में घुस गया, जिसके चलते सैकड़ों एकड़ धान और गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। पुल और सड़क डूबने से दर्जनभर से अधिक गांवों का आवागमन भी प्रभावित हो गया है।
करीब एक वर्ष पूर्व नया पुल बनाया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पुल मानक के अनुरूप नहीं बना। निचले स्तर पर बने पुल में जलकुंभी और कचरा फंसने से पानी का बहाव रुक गया, जिससे आसपास के खेत-खलिहान डूब गए। किसानों का कहना है कि मेहनत की कमाई बर्बाद हो रही है, जबकि प्रशासन अब तक कोई मदद नहीं कर रहा। गांव के लोगों ने चंदा इकट्ठा करके जेसीबी मंगवाकर जलकुंभी की सफाई कर पानी का बहाव चालू करने की कोशिश की। मौके पर श्याम चरन, छेदालाल, मुनीश पाल, कुलवंत सिंह, नीरज, करमजीत, मंगली प्रसाद, जगप्रीत सिंह, अकील और सियाराम सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होगा, हर बरसात में यही संकट दोहराया जाएगा।