पीलीभीत। जिले में स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों पर तैनात 17 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद अधिकारी गंभीर हुए हैं। जांच में सामने आया कि कुछ सीएचओ समय से केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे थे और ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं दे रहे थे। सीएमओ ने सभी को चेतावनी जारी कर कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों पर करीब 130 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) तैनात हैं। इन केंद्रों पर ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श दिलाया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। इसके बावजूद विभागीय समीक्षा में कुछ सीएचओ की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई।
जांच के दौरान सामने आया कि कई सीएचओ निर्धारित समय पर स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसके अलावा ई-संजीवनी ओपीडी के जरिए मरीजों को लाभ पहुंचाने के मामले में भी उनका प्रदर्शन कमजोर रहा। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 17 सीएचओ को चिह्नित किया है। इनमें मरौरी, पूरनपुर, बिलसंडा समेत विभिन्न ब्लॉकों में तैनात सीएचओ शामिल हैं।
विभाग ने सभी को चेतावनी जारी करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ आलोक शर्मा ने बताया कि लापरवाही उजागर होने पर सीएचओ को चेतावनी जारी गई है। सुधार न होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद