पीलीभीत। पीटीआर और विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने व प्रभावित ग्रामीणों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करेंगे। इसके तहत एक जून को पीटीआर मुख्यालय में संवेदनशील क्षेत्रों के चिकित्सकों और थाना प्रभारियों की विशेष संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें आपात स्थिति में बेहतर समन्वय, उपचार और सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन होगा। पीटीआर के जंगलों से लगे गांवों में अक्सर बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव आबादी क्षेत्र में पहुंच जाते हैं। ऐसी घटनाओं में कई बार ग्रामीण घायल हो जाते हैं और समय पर उचित चिकित्सा सहायता न मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, घायलों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना व मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति तैयार करना है। पीटीआर के डीएफओ मनीष सिंह की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर अधिकारियों की सहभागिता करने का अनुरोध किया गया है।
सीएमओ से न्यूरिया समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों के सीएचसी से दो-दो चिकित्सकों को कार्यशाला में भेजने को कहा गया है। संवाद