- कोर्ट से हारने के बाद भी काबिज थे कुछ परिवार
- अंग्रेजों के समय में बने इस वाल्टन क्लब की जमीन पर चौराहे की ओर वर्षों से काबिज थे कुछ परिवार
शहर के मुख्य चौराहे पर वाल्टन क्लब की जमीन पर किए अवैध कब्जे को प्रशासन ने जेसीबी चलाकर हटवा दिया। कार्यवाही के दौरान कब्जेदारों व अधिकारियों में नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन ने जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया।
नकटदाना चौराहे के निकट डीएम की अध्यक्षता वाले वाल्टन क्लब का भवन एवं जमीन है। अंग्रेजों के समय में बने इस वाल्टन क्लब की जमीन पर चौराहे की ओर पिछले कई वर्षों से कुछ परिवार काबिज हैं। जमीन को लेकर कब्जेदारों का प्रशासन से विवाद कोर्ट तक पहुंचा जहां कब्जेदार केस हार गए थे। बावजूद इसके करीब पांच परिवार यहां टिनशेड, खपरैल व झोपड़ी आदि डालकर रह रहे थे। प्रशासन ने जमीन खाली कराने को कई बार नोटिस दिया, लेकिन जमीन खाली नहीं हुई। इस पर बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस, प्रशासन एवं पालिका की टीम जेसीबी के साथ नकटदाना चौराहा पहुंची और जमीन पर काबिज लोगों को घरों से निकालने के बाद निर्माण को गिरा दिया। इस कार्रवाई के दौरान यहां बसे परिवारों की महिलाओं की अधिकारियों से झड़प हुई और एक महिला बेहोश भी हो गई। वहीं इसी जमीन पर एक व्यक्ति द्वारा किए कब्जे पर हाईकोर्ट से स्टे होने के कारण प्रशासन ने उसे छोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट के साथ एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर यादव, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट श्रद्धा सांडिल्यायान, सीओ सिटी निर्मल सिंह बिष्ट, इंस्पेक्टर सदर व सुनगढ़ी, पीएसी एवं वाल्टन क्लब के सदस्य मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा जमीन से कब्जा हटाने की यह कार्रवाई पूरे दिन शहर में चर्चा की विषय रही है और बड़ी संख्या में लोग कार्रवाई देखने नकटादाना चौराहे पर जमा रहे।