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बंगाली कॉलोनी के लोगों के नहीं बने वोटर कार्ड

Fri, 04 Nov 2016 11:11 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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बंगाली कॉलोनी के लोगों के नहीं बने वोटर कार्ड - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
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तराई क्षेत्र की बंगाली कॉलोनी में रहने वाले युवाओं के मतदाता परिचयपत्र नहीं बन पा रहे हैं। नागरिकता संबंधी कागजात न होने से यह कठिनाई हो रही है। इसे लेकर लोगों में रोष है।
तराई क्षेत्र में ग्राम सेल्हा से लेकर बंदरबोझ तक बड़ी संख्या में बंगाली समाज के लोग रहते हैं। इसमें से बहुत से लोगों ने कांग्रेस के कार्यकाल तक लोकसभा व विधानसभा चुनाव में मताधिकार का प्रयोग किया था, लेकिन वर्ष 1989 के बाद बहुत से लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। इसमें जो बंगाली मतदाता पढ़ेे लिखे व जागरूक थे, उन्होंने जिला स्तर से लेकर दिल्ली तक दौड़भाग की और भारत की नागरिकता पाने के लिए फार्म भरकर गृह मंत्रालय भेजे। इनको तो नागरिकता हासिल को गई, लेकिन जो मतदाता अशिक्षित व गरीब थे, वे आज भी नागरिकता से वंचित हैं और उन्हें मताधिकार भी नहीं मिल पाया है। जब जब चुनाव नजदीक आता है, तब वे अपने वोट बनवाने के लिए फार्म भरकर बीएलओ को देते हैं, लेकिन नागरिकता संबंधी कागजात न होने के चलते उनके फार्म अमान्य कर दिये जाते हैं। महाराजपुर के पूर्व प्रधान अजीत कुमार मंडल बताते हैं कि उनकी व उनकी पत्नी के पास सिटीजनशिप है। तीन बार ग्राम प्रधान भी बने लेकिन यहीं के कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहे उनके पुत्र अनिमेष का वोट नहीं बन पा रहा है। गांव के अरुण मंडल व उनकी पत्नी नगरिकता संबंधी कागजात दिखाते हुए कहती हैं कि उनका पुत्र कुमारेश यहां प्राइवेट प्रेक्टिस कर रहा है उसका भी वोट नहीं बनाया जा रहा है। निर्वाचन आयोग की नीति ही स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इसी गांव की प्रधान आशा मिस्त्री कहती हैं कि पूर्व में गांव के करीब 150 ग्रामीणों के नाम वोटरलिस्ट से काट दिए गए थे, आज इनके परिवार में ऐसे युवा भी मौजूद हैं जो स्नातक कर चुके हैं लेकिन उनके वोट नहीं बनाए जा रहे हैं। इसको लेकर बीएलओ राजेश कुमार कहते हैं कि उनको जो भी फार्म मिलते हैं, उन्हें ब्लाक कार्यालय पहुंचा दिया जाता है। अब वहां वोट क्यों नहीं बनाए जा रहे, इसके बार में जानकारी नहीं है। इसी तरह नौजल्हा नंबर एक में भी कई लोगों के वोट नहीं बन सके। गांव के सजलदेव व उनकी पत्नी पार्वती, नरायन व उनकी पत्नी कुसुमबाला, वासुदेव व उनकी पत्नी रेखा बताती हैं कि वर्ष 1988-89 तक वोट डाले थे और उसके बाद उनके नाम मतदाता सूची से काट दिये गये। नागरिकता के लिए फार्म भरकर भी भेजे गए थे, लेकिन आज तक उनको कोई जवाब नहीं मिला। इसको लेकर बंगाली समाज के लोगों में खासा रोष है।
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वोटर कार्ड बनवाने के लिए किया प्रदर्शन
नौजल्हा व महाराजपुर के बंगाली टोला में वोट न बनने को लेकर खासी नाराजगी देखी जा रही है। इसको लेकर बंगाली समाज के लोगों ने शुक्रवार को नौजल्हा में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर वोटर कार्ड बनवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में  संगीता विश्वास, नंदगोपाल, संजय सरकार, तपस सरकार, मलिनी सरकार, रत्ना सरकार, रेनू, संजय, हरन विश्वास, परिश सरकार, जगदीश सिकदार, आशा, रबिन, रीना विश्वास, नरेश, नीरा आदि शामिल रहे।
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