बारिश के बाद शारदा में बाढ़ की संभावना को देखते हुए डीएम ओएन सिंह ने
नदी के तटवर्ती गांवों का दौरा किया। यहां उन्होंने शारदा नदी में कटान
रोकने को कराए गए कार्य देखे। बचाव कार्य के नाम पर की जा रही औपचारिकता पर
उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए बाढ़ खंड अधिकारियों से ठोस कार्य कराने
के निर्देश दिए।
बुधवार को सुबह डीएम ओएन सिंह रमनगरा क्षेत्र पहुंचे।
सबसे पहले उन्होंने नौजल्हा नंबर दो पहुंचकर वहां नौमेंसलैंड पर बने बैडवार
को देखा और यहां मौजूद ग्रामीणों ने बाढ़ के समय होने वाली कठिनाइयों की
जानकारी ली साथ ही नेपाल से आकर शारदा में मिलने के संगम को देखा। डीएम ने
पिछले दिनों बारिश से क्षतिग्रस्त हुए बैडवार की मरम्मत कराने के निर्देश
दिए। इसके बाद नौजल्हा नंबर दो में स्पर के निकट बनाए गए कटर देखे।
पुराने
कटर में कुछ बल्लियां और झाड़झंकाड़ कर बनाए गए कटर देखकर उन्होंने बाढ़
खंड के अधिशासी अभियंता की फटकार लगाई और उन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद वह नगरिया कट पर बने मार्जिनल बांध पहुंचे और स्पर नंबर छह के
क्षतिग्रस्त हो रहे एप्रेन को ठीक कराने को कहा। उनके साथ एसडीएम
ज्ञानेंद्र सिंह, तहसीलदार दिग्विजय सिंह, अधिशासी अभियंता मिनहाज अहमद,
सहायक अभियंता श्याम सिंह बघेल, लेखपाल, कानूनगो सहित कई अधिकारी कर्मचारी
थे।
शारदा का जलस्तर बढ़ा, कई मार्गों पर भरा पानी
हजारा।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में जलभराव की स्थिति हो गई है। कई
रास्तों पर पानी भरा होने से आवागमन में दिक्कत हो रही है। लोगों को पार
जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद
बनबसा बैराज से तो पानी नहीं छोड़ा गया लेकिन क्षेत्र के नदी नालों का पानी
शारदा में मिलने के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
इससे भुरजनिया
नेहरू नगर मार्ग, हजारा सिद्धनगर मार्ग और रामनगर चंद्रनगर मार्गों पर
पानी भर गया है। वहीं घर व स्कूलों में भी पानी घुसने लगा है। बुधवार को
सिद्धनगर प्राइमरी स्कूल में पानी भरा होने के कारण बाढ़ शरणालय में पढ़ाई
कराई गई। मार्गों पर पानी भरने से दिक्कत आ रही है और लोग आने जाने के लिए
नाव का सहारा ले रहे हैं।
बाढ़ से बचाव को की नावों की व्यवस्था
बीसलपुर।
राजस्व विभाग ने संभावित बाढ़ के मद्देनजर 12 गांवों का चयन कर उनमें
नावों की व्यवस्था की है। नायब तहसीलदार एमआर थारू ने बताया कि गांव
मुडिय़ा कुंडरी, पुरैना, बढ़ैरा, जगीपुर जैतपुर, पैनिया रामकिशन, गाजीपुर
कुंडा, पटनिया, किशनी, अर्जुनपुर, चौंसर हरदो पट्टी और राजूपुर कुंडरी आदि
में बाढ़ की संभावना रहती है। बाढ़ की स्थिति में गांव वालों की सहायता के
लिए प्रत्येक गांव में एक एक नाव व नाविक की व्यवस्था की गई है।