अमर उजाला के पूर्व वरिष्ठ उप संपादक विश्वमित्र टंडन उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए अमेरिका में सम्मानित किए जाएंगे। पंजाबी अमेरिकन हैरिटेज सोसाइटी के निमंत्रण पर श्री टंडन 26 मई को अमेरिका के लिए रवाना होंगे।
बताते चलें कि श्री टंडन 1983 से 2005 तक पीलीभीत जिले में अमर उजाला के ब्यूरो चीफ रहे हैं। उस दौरान उन्होंने इंदिरा गांघी के निधन के बाद वर्ष 1984 में हुए सिख दंगों, वर्ष 1986 में हुए न्यूरिया दंगा (जिसमे दोनों समुदायों के लगभग तीन दर्जन लोग मारे गए थे), राम मंदिर आंदोलन, कई साल तक जिले में फैले रहे भीषण आतंकबाद की घटनाओं, वर्ष 1991 में हुए पुलिस फर्जी मुठभेंडकांड जिसमे 11 सिख तीर्थ यात्री मारे थे, वर्ष 1994 में जिला जेल में टांडा बंदी हत्याकांड (जिसमे सात सिख टाडा बंदी मारे गए थे) की गहराई तक जाकर निर्भीकता के साथ कवरेज की थी। श्री टंडन की मुख्य ख्याति 11 सिख तीर्थ यात्रियों की फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने की स्टोरी ब्रेक करने वाले पत्रकार के रूप में अभी हालही में तब मिली जब इस मामले में लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने 47 पुलिस कर्मियों को उम्र कैद की सजा सुनाई।
पंजाबी अमेरिकन हैरिटेज सोसाइटी कैलिफोर्निया (अमेरिका) ने उनकी इस उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए 29 मई को यूबा सिटी में होने वाले अपने वार्षिक समारोह/मेला में सम्मानित करने का फैसला किया है। सोसाइटी इसके लिए श्री टंडन के अमेरिका आने-जाने के लिए टिकट व रुकने का सारा खर्च उठा रही है। सोसाइटी के अध्यक्ष तेज मान ने इस तरह की पत्रकारिता की खबरें प्रकाशित करने लिए अमर उजाला अखबार का भी आभार प्रदर्शन किया है। श्री टंडन सम्मान प्राप्त करने के लिए 26 मई को दिल्ली रवाना होंगे व नौ जून को वापस लौटेंगे। इस मौके पर अमर उजाला परिवार ने भी श्री टंडन को बधाई दी है।