पीलीभीत। कोरोना काल में महिला उत्पीड़न और महिला अपराध के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं। हैरानी की बात यह है कि शिकायतों के मामले में प्रदेश के टॉप पांच जिलों में अपना पीलीभीत भी शामिल हैं। इसमें सूची में लखीमपुर, हरदोई, सीतापुर और शाहजहांपुर के नाम भी शामिल हैं। शुक्रवार को मिशन शक्ति-3 के तहत उत्तर-प्रदेश महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। कहा कि पचास फीसदी मामले उत्पीड़न और परिवार टूटने के आते हैं।
शुक्रवार को उन्होंने ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव सियाबाड़ी पट्टी व मीरापुर और शहर में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में पिछले दो सालों में महिला अपराध और उत्पीड़न तेजी से बढ़े हैं। इसमें सिर्फ घरेलू हिंसा नहीं बल्कि परिवार टूटने के मामले आए हैं। पचास फीसदी तो शिकायतें इसी की आती हैं। दूसरी तरफ अपहरण के मामले बढ़े हैं, लेकिन जांच में कई मामले फर्जी भी मिले हैं। उनका कहना है कि कई केसों में सामने आया कि लड़की किसी के साथ मर्जी से गई, बाद में इसे अपहरण और दुष्कर्म का मामला बना दिया जाता है। एक सवाल के जवाब में बोलीं कि पिछले दो सालों में पीलीभीत, लखीमपुर, हरदोई, सीतापुर और शाहजहांपुर से ज्यादा शिकायतें मिली हैं और इसमें भी लखीमपुर आगे है।
25 शिकायतें पहुंचीं
राज्य महिला आयोग की सदस्य के सामने कुल 25 शिकायतें पहुंची। इसमें पंद्रह शिकायतें सियाबाड़ी पट्टी व मीरापुर गांव में और दस शिकायतें शहर में मिली। इसमें सबसे ज्यादा वृद्धा पेंशन, पीएम आवास योजना, शौचालय योजना का लाभ न मिल पाने की शिकायतें थी। एक मामले को लेकर बताया कि महिला ने शिकायत की कि बेटी होने पर उसका पति मायके लेने नहीं आया। अब उसने कह दिया कि दूसरी शादी कर ली। न्यूरिया थाना क्षेत्र का मामला है जिसके बाद पुलिस को मामला सौंप दिया गया है।
जागरूक हो रहीं महिलाएं
उन्होंने बताया कि महिलाएं जागरूक भी हो रही हैं। टोल फ्री, व्हाट्सएप नंबरों पर सीधे शिकायत भेज रही हैं। उन्होंने बताया कि अगर किसी को शिकायत दर्ज करानी है तो वह व्हाट्सएप नंबर 6306511708 या टोल फ्री नंबर 18001805220 पर दर्ज करा सकता है। डीपीओ मीनाक्षी पाठक ने महिलाओं को जनहित में चल रहे टोल फ्री नंबर 181,1090, 1098, 102 व 108 आदि की जानकारी भी दी।