सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते नगरिया खुर्द कला गांव के ग्रामीण। स्रोत ग्रामीण
- फोटो : मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों को देखते चिकित्सक।
कलीनगर। शारदा नदी के नुकसान को रोकने के लिए नगरिया खुर्द गांव में कराए जा रहे बाढ़ बचाव कार्य में लापरवाही बरतने पर ग्रामीण भड़क गए। कार्यस्थल पर पहुंचकर सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। पत्थर की जगह रेत से फाउंडेशन ऊंचा कर बजट को ठिकाने लगाने के आरोप लगाए। मामले में डीएम से शिकायत करने की बात कही गई।
मामला कलीनगर तहसील क्षेत्र के नगरिया खुर्द कला गांव का है। गांव में हर साल बरसात के दौरान शारदा नदी नुकसान पहुंचाती है। बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को भी नदी क्षतिग्रस्त करती है। पिछले साल भी नुकसान हुआ था। इस बार शासन की मंजूरी के बाद पिछले माह सिंचाई विभाग की शारदा सागर खंड डिवीजन की ओर से लाखों रुपये के कार्य शुरू कराए गए। पत्थर की ठोकरें भी बनाई जा रहीं हैं।
मंगलवार को प्रधान विवेकानंद की मौजूदगी में बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि पत्थर की ठोकर बनाने में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है।
फाउंडेशन को पत्थर के बजाय रेत डालकर ऊंचा किया जा रहा है। ऊपर के भाग में पत्थर लगाकर खामियों को छिपाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में यह कार्य बरसात में पानी में बह जाएंगे। उन्होंने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रधान विवेकानंद ने बताया कि नदी हर साल गांव की सीमा में तबाही मचाती है। ग्रामीणों की मांग के बाद शासन बजट जारी करता है, लेकिन विभाग की लापरवाही से कार्य की गुणवत्ता के बजाय बजट ठिकाने लगाने पर जोर दिया जा रहा है। मामले में डीएम से मिलकर शिकायत की जाएगी। विरोध करने वालों में चितरंजन बारोई, तपन राय, सुशांत ढाली, शिव कुमार मंडल आदि ग्रामीण शामिल रहे।