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सुलह कर रात में ही निकल गई विजिलेंस टीम 

Tue, 11 Apr 2017 10:07 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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 मां यशवंतरी देवी मंदिर मेेले में बरेली से आई विजिलेंस टीम की पिटाई के मामले को पुलिस महकमा डकारने में लगा है। कोतवाली पुलिस के घटना के बाद रात में दोनों पक्षों में सुलह करने की बात कहने पर पुलिस अफसरों ने भी कार्रवाई से इतिश्री कर ली। न तो विजिलेंस टीम पर लगे आरोपों की जांच की गई, न ही पुलिस व जेई से मारपीट करने वालों पर कोई सख्ती हो सकी। पूरे मामले में आधी अधूरी कार्रवाई के आरोप में घिरी मेला चौकी पुलिस को भी क्लीन चिट दे दी गई है। रविवार रात मां यशवंतरी देवी मंदिर में आयोजित मेले में बरेली से विजिलेंस टीम पहुंची थी। टीम में जेई पीसी सागर, दरोगा एसके सिंह व सिपाही साथ थे। मेले में बिजली चोरी की जांच करने पहुंचने पर मेला कमेटी के लोगों व दुकानदारों के हमला करने की बात कही गई। जबकि दूसरा पक्ष विजिलेंस टीम के नशे की हालत में पहुंचने और बेवजह दुकानदारों को परेशान करने का आरोप लगाया। रविवार रात हुई इस घटना के बावजूद पुलिस महकमा सोमवार दूसरे दिन भी मामले को दबाने के प्रयास में जुटा रहा। बिजली विभाग के अधिकारी पहले ही मामले से अनभिज्ञता जता रहे थे। इधर टीम के सदस्य भी दूसरे दिन मेले में चेकिंग करने पहुंचने की बात से मुकर गए। जिससे उन पर लगे आरोपों को काफी बल मिलता दिखाई दिया। अमर उजाला के खबर प्रकाशित करने के बाद खलबली मच गई। एसपी देवरंजन वर्मा ने इसकी जानकारी जुटाई। जिसमें कोतवाली पुलिस ने रविवार रात को ही कोतवाली में दोनों के लिखित समझौतानामा देने की बात बताई। जिस पर अफसर भी संतुष्ट हो गए। अब सवाल उठता है कि बिना अफसरों की अनुमति अथवा उनके संज्ञान के विजिलेंस टीम मौके पर क्यों गई थी? कहीं उनका उद्देश्य धन उगाही तो नहीं था? विवाद के पीछे टीम के लोगों के नशे की हालत में होने व मेले के दुकानदारों से अभद्रता की भी बात कही जा रही है। अगर ये बात सही है तो पुलिस ने टीम के लोगों का मेडिकल क्यों नहीं कराया। अगर टीम सही थी, फिर मारपीट करने वालों के खिलाफ तहरीर देने के बजाए निकल क्यों गई? टीम में शामिल जेई चेकिंग की बात से इंकार क्यों कर रहे हैं? टीम के लोग अपनी जगह गलत थे या फिर मेले के दुकानदार? पुलिस ने इसकी सत्यता जानने का कोई प्रयास क्यों नहीं किया? दोनों पक्ष में से जो भी दोषी था उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? पुलिस के अधिकारी अगर इस घटना से वाकिफ थे तो दूसरे दिन अनभिज्ञता क्यों जताते रहे? कोतवाली पुलिस की जानकारी में अगर यह मामला आ गया था तो उच्चाधिकारियों से उसने इसे क्यों छिपाया? यह ऐसे सवाल हैं जिसका उत्तर फिलहाल पुलिस प्रशासन के पास इन सवालों का कोई उत्तर नहीं है। 
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कोतवाली पुलिस से जानकारी करने पर दोनों के बीच लिखित में सुलह होने की बात पता लगी है। इसके चलते कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। विजिलेंस टीम की कार्रवाई गलत थी या फिर वह अफसरों के बिना बताए मेेले में पहुंच गए। इसकी जांच उनके विभागीय अफसरों को करनी चाहिए। 
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- देवरंजन वर्मा, एसपी 
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