रविवार रात अमरिया क्षेत्र में बाघ के हमले में घायल तीनों ग्रामीणों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल बुद्धसेन ने बताया कि बाघ ने उनके साले दुर्गाई लाल का हाथ मुंह से पकड़कर खींच लिया था। ऐन वक्त पर आई कार की रोशनी पड़ने पर बाघ उसे छोड़ गया। बाघ के पीछे हटने पर उन्होंने दुरगाई का पैर पकड़कर अपनी ओर खींचने का प्रयास किया, लेकिन बाघ ने उस पर पंजे से हमला कर घायल कर दिया। अमरिया क्षेत्र के गांव देवरनिया निवासी 50 वर्षीय बुद्धसेन अपने पुत्र मदनलाल और साले खटीमा के गांव मोहनपुर निवासी दुर्गाई लाल के साथ नवदिया गांव रिश्तेदारी में गए थे। वहां से रात करीब नौ बजे बाइक पर अपने घर लौट रहे थे। ड्यूनीडाम के निकट नहर पटरी पर उन पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया, जिससे बाइक समेत तीनों नीचे गिर गए। नीचे गिरते ही बाघ ने दुर्गाई लाल का हाथ अपने मुंह में दबा लिया और खींचकर झाड़ियों की ओर ले जाने लगा। बुद्धसेन ने उसे ले जाते देखा तो दुर्गाई लाल का पैर पकड़ लिया। बाघ उन्हें कुछ कदम ही घसीट कर ले जा पाया । तभी उधर से गुजरी एक कार की लाइट पड़ने पर बाघ ने दुर्गाईलाल का हाथ छोड़ दिया। बाघ के छोड़ते ही बुद्धसेन ने दुर्गाई को और ताकत से खींचने की कोशिश की। इस पर बाघ ने बुद्धसेन पर पंजे से हमला कर दिया। उधर, बाइक से गिरे बुद्धसेन के पुत्र मदनलाल ने स्टार्ट बाइक का एक्सीलेटर तेज कर दिया, जिसकी आवाज पर बाघ उन्हें छोड़कर चला गया। इस बीच उधर से गुजर रहे लोगों ने मदद कर उन्हें अमरिया सीएचसी पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।