पीलीभीत-टनकपुर बाईपास के रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज से गुजरता ट्रैक्टर संवाद
पीलीभीत। शहर को जाम से निजात दिलाने को पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग से टनकपुर मार्ग को जोड़ने वाले बाइपास पर बने रेलवे ओवरब्रिज पर वाहन रफ्तार भरने लगे हैं। टनकपुर, खटीमा और अन्य स्थानों को आवागमन करने वाले वाहन चालकों को अब शहर के अंदर से जाम से जूझते हुए नहीं गुजरना होगा। हालांकि ओवरब्रिज ढलान के पास सड़क पर काम होना बाकी है। बाइपास की सड़क पर कई स्थानों पर सफेद पट्टी गायब हो चुकी है।
शहर के असम चौराहे से करीब पांच किलोमीटर पहले पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग से बाइपास बनाया गया है। यह बाइपास माधोटांडा मार्ग को क्रास कर आगे जाकर मैदना गांव के पास टनकपुर हाईवे में मिलता है। बाइपास का कार्य तो पूरा हो चुका था। बीच से गुजरी रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज का निर्माण करीब पांच वर्षों से चल रहा था। कई महीने तक कार्य रेलवे लाइन के ऊपर गर्डर रखे जाने की वजह से अटका रहा। अब इसका निर्माण पूरा हो गया है। कार्य पूरा होते ही वाहनों ने ओवरब्रिज से फर्राटा भरना भी शुरू कर दिया है। बुधवार की दोपहर कई ट्रैक्टर-ट्राली, कार और दोपहिया वाहन चालक इस ओवरब्रिज से गुजरे। रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बन जाने से लोगों को राहत मिली है।
जाम से निजात, बाहर से ही निकल जाएंगे वाहन
उत्तराखंड के खटीमा, टनकपुर, सितारगंज, वनबसा और अन्य स्थानों को जाने वाले लोग पीलीभीत से होकर आवागमन करते हैं। टनकपुर हाईवे शहर के अंदर से गुजरा है। वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की समस्या होती है। इस समस्या के समाधान को शहर के बाहर से बाईपास का निर्माण कराया गया। ओरिब्रिज का काम पूरा हो जाने से वाहन चालक शहर में प्रवेश किए बिना ही खटीमा और टनकपुर की ओर निकल जाएंगे। टनकपुर मार्ग पर रोजाना पांच हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है।
सड़क पर ईंट और रोड़े, सफेद पट्टी की भी जरूरत
बाइपास मार्ग पर ओवरब्रिज की ढलान के पास ही ईंट और रोड़े सड़क पर पड़े हैं। यह सफर को खतरनाक बना रहा है। वहीं कई स्थानों पर सड़क से सफेद पट्टी गायब हो चुकी है, जबकि सड़क के किनारे गहरी खाई है। कुछ स्थानों पर सड़क का किनारा भी टूटा नजर आता है। वहीं पूरनपुर मार्ग से बाइपास पर मुड़ने के स्थान पर भी संकेतक नजर आता है।
पीलीभीत-टनकपुर बाईपास के रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज से गुजरता ट्रैक्टर संवाद