पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के कोर एरिया के जंगल में रेलवे वेस्ट मिलने के बाद पीटीआर प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाया है। मामले को गंभीर पर्यावरणीय खतरा मानते हुए पीटीआर के डीएफओ मनीष सिंह ने इज्जतनगर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज कराई है।
पत्र में रेलवे कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देशित कर जंगल क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अपशिष्ट फेंके जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज से होकर गुजरने वाले पीलीभीत-पूरनपुर रेल मार्ग पर हाल ही में चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान रेलवे लाइन के किनारे बड़ी मात्रा में कचरा मिला। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान में वन विभाग की 10 टीमों ने करीब 200 लोगों के साथ आठ किलोमीटर लंबे वन क्षेत्र में सफाई की। अभियान के दौरान लगभग 80 बोरा अजैविक कचरा एकत्र किया गया।
सफाई के दौरान वन विभाग की टीमों को रेलवे वेस्ट के कई बड़े पैकेट भी मिले। इनमें ट्रेनों में उपयोग होने वाली चादरें, तकियों के कवर और अन्य विभागीय अपशिष्ट सामग्री पाई गई। कोर एरिया में रेलवे के अपशिष्ट मिलने के बाद वन विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। डीएफओ मनीष सिंह ने डीआरएम इज्जतनगर को भेजे पत्र में कहा है कि संरक्षित वन क्षेत्र में इस प्रकार का कचरा और विभागीय अपशिष्ट फेंका जाना पर्यावरण और वन्यजीवों दोनों के लिए नुकसानदायक है।
डीएफओ ने बताया कि रेलवे लाइन के किनारे फेंका जा रहा प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने और कर्मचारियों को सचेत करने के लिए कहा गया है। पर्यटन सत्र समाप्त होने के बाद पूरे रूट पर दोबारा सघन सफाई अभियान चलाया जाएगा। संवाद