संवाद न्यूज एजेंसी
अमरिया। क्षेत्र की प्रसिद्ध दरगाह मकसूदुल औलिया खानकाह हसनी मकसूदी जहांगीरी पर चटगांव, बांग्लादेश के जहांगीरी सिलसिले के वानी हज़रत मौलाना अब्दुल हई शाह रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय 50 वां सालाना उर्स-ए-फखरूल आरफीन शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया। कार्यक्रम सज्जादानशीन हज़रत ख्वाजा सूफी शाकिर हुसैन मियां की जेरे सरपरस्ती में हुआ।
उर्स के दौरान हल्का ए जिक्र, सलात-ओ-सलाम, चादरपोशी, शब्बेदारी और महफिल ए शमा का आयोजन किया गया। शायरे इस्लाम ने नात और मनकबत पेश की। बुधवार दोपहर कुल शरीफ का आगाज़ हाफिज़ शादाब मकसूदी ने तिलावत ए कुरआन से किया। इसके बाद सलात-ओ-सलाम और सजरा शरीफ की तिलावत हुई। महफिल ए रंग में कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर समां बांधा। सज्जादानशीन ने कौम और मुल्क की खुशहाली एवं तरक्की के लिए दुआ की। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन का पैगाम देता है। हर मज़हब के लोग पीर-फकीरों की दरगाहों पर जाकर मुरादें मांगते हैं। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, पड़ोसियों से मोहब्बत करने और माता-पिता की खिदमत करने की अपील की। साथ ही पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी को अपने लिए आदर्श बनाने का संदेश दिया। उर्स में पानीपत के सज्जादानशीन हज़रत निसार मियां और कलियर शरीफ से आए मेहमान-ए-खुसूसी हज़रत काशिफ मियां ने शिरकत की। इस दौरान साबिर हुसैन, सपा नेता अनीस अहमद खां, डॉ. विनोद पागरानी, मोहम्मद साबिर, सूफी मरगूब हुसैन, सूफी सलामतुल्लाह, सूफी कमरुद्दीन, मोहम्मद जीशान आदि मौजूद रहे।