लक्ष्य से दस फीसदी अधिक यूरिया की खपत को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन से प्रकरण की जांच के निर्देश मिलने पर तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। अधिक यूरिया खरीदने वाले 20 किसान भी चिह्नित किए गए हैं। जांच कमेटी किसानों की जमीन और खरीदी गई यूरिया का सत्यापन करेगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित किसान पर कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में खरीफ सीजन का रकवा 1,43,431 हेक्टेयर है। इसमें 1,41,555 रकवे पर धान की फसल लगाई गई है, जबकि गन्ने का रकवा भी ठीकठाक है। यूरिया की खपत इस बार निर्धारित लक्ष्य से अधिक हो गई। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक खरीफ सीजन में यूरिया खाद वितरण का लक्ष्य 64,816 मीट्रिक टन था। वहीं अब तक 80,116 मीट्रिक टन यूरिया खपत हो चुकी है, इसमें से 71,630 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण भी किसानों को किया जा चुका। इसके बावजूद किसानों के सामने यूरिया का संकट है।
यूरिया स्टॉक में होने के बाद भी बीते दिनों किसानों को किल्लत हुई थी। इसे शासन स्तर पर भी गंभीरता से लिया गया। शासन से निर्देश मिलने के बाद जनपद स्तर पर प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी में कृषि उपनिदेशक यशराज सिंह, तहसीलदार सदर विवेक मिश्रा, एडीओ को-ऑपरेटिव मरौरी ब्लॉक को शामिल किया गया है। जनपद के 20 किसान भी इसमें सूचीबद्ध किए गए हैं। इन किसानों ने अधिक यूरिया खरीद की है। अब इनका सत्यापन कराया जाएगा।
जनपद के 20 किसानों की सूची बनाई गई है। अब गठित की गई कमेटी सत्यापन करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि जितनी यूरिया किसानों ने खरीदी है, उतनी उनके पास खेती भी है या नहीं। कहीं खाद का स्टॉक तो नहीं किया गया। गड़बड़ी निकली तो शत प्रतिशत कार्रवाई की जाएगी। - यशराज सिंह, कृषि उपनिदेशक