माधोटांडा। नदी का कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड ने 5.50 करोड़ की लागत का जो प्रोजेक्ट शुरू किया था, उसे बचाने के लिए अब पसीना बहाना पड़ रहा है। नगरिया खुर्द कला में सबसे मजबूत 9 ए ठोकर की मुख्य बॉडी का एक हिस्सा शारदा नदी में समा गया है।
नगरिया खुर्द कला में मार्जिनल बांध और शारदा सागर डैम को बचाने के लिए पत्थर की ठोकरें बनाई गई थीं। अभी तक नदी के भीतरी हिस्से में ये दाहिने किनारे की ओर भू कटान रोके हुए थीं। बाढ़ खंड ने ठोकर संख्या 9 से लेकर ढकिया तालुके महाराजपुर तक ठोकर संख्या छह तक 5.50 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर कराया था। लॉकडाउन में पहली बार यहां अलग तकनीक से बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू कराए गए थे। अभी यह पूरे भी नहीं हुए कि ठोकर का एक हिस्सा नदी में समा गया। इससे प्रोजेक्ट स्थल को खतरा पैदा हो गया। अब नदी भू कटान करती हुई मार्जिनल बांध की ओर पीछे जाने लगी है। इसके बाद बाढ़ खंड के अभियंताओं ने यहां बंबू कटर और बोरो में रेत भरकर लगाने का कार्य शुरू करा दिया। अभी नदी का जलस्तर कम है। इसका फायदा उठाकर हरे भरे पेड़ों के झाड़ झंकार भी काटकर डलवाए जा रहे हैं, मगर यह सब अस्थायी है। बाढ़ खंड को अपना पुराना प्रोजेक्ट बचाने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नगरिया खुर्द कला में ठोकर 9ए का भाग क्षतिग्रस्त हुआ था। वहां बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा रहे हैं। -ध्रुव नारायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड