पूरनपुर। तंजीम अइम्मा-ए-मसाजिद की बैठक में पहलगाम में हुए हमले की घटना पर रोष जताया गया। इसके अलावा वक्फ संशोधन बिल के साथ ही शादी समारोह में डीजे, बाजों और खड़े होकर खाने पर नाराजगी व्यक्त की गई। बैठक में ऐसे शादी समारोह में शरीक न होने का निर्णय लिया गया।
मोहल्ला खानका के एक धार्मिक स्थल में हुई बैठक में पहलगाम की घटना को इंसानियत का कत्ल बताया गया। हमले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। वक्फ संशोधन बिल पर रोष जतातेे हुए कहा गया कि वक्फ संपत्ति बुजुर्गों की अमानत है। इसकी हिफाजत दीनी जिम्मेदारी है।
उलमा ने मदरसों के खिलाफ चल रही मुहिम को सोची-समझी साजिश बताया। समाज सुधार पर हुई चर्चा में शादी समारोह में डीजे, बाजे-गाजे और खड़े होकर (स्टैंडिंग) खाने पर भी सख्त रवैया अपनाने का फैसला लिया गया। उलमा ने कहा कि इस्लाम में इनकी कोई गुंजाइश नहीं है, इमाम ऐसी शादियों में शामिल न हो।
संरक्षित पशुओं की हत्या करने वालों का बायकाट करने का ऐलान किया गया। कहा गया कि समाज में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। बैठक में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के हाफिज नूर अहमद अजहरी, तंजीम अइम्मा ए मसाजिद के अध्यक्ष हाफिज जाकिर खान नूरी, नूर मोहम्मद हसनी, हाफिज असलम पुरी, मौलाना शमीम अहमद, मौलाना आमिर रजा खान नूरी, मौलाना नाजिम रजा, मौलाना समीउल्लाह खान कादरी आदि मौजूद रहे।