पीलीभीत। एक युवक की मृत्यु के बाद दो अलग-अलग नगर निकायों से जारी मृत्यु प्रमाण पत्रों ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन प्रमाण पत्रों में मृतक का नाम और मृत्यु की तारीख एक ही दर्ज है। हालांकि, मृत्यु स्थल और पंजीकरण की तारीखें भिन्न होने से रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मद फारुख निवासी चंदा बाबू पुत्र गंगा सहाय शर्मा की मृत्यु 14 अप्रैल 2024 को हुई थी। बरेली नगर निगम में 23 अप्रैल को हुए पंजीकरण के आधार पर एक प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस प्रमाण पत्र में मृत्यु स्थल वेंदांता मल्टी सुपर स्पेशलिटी इंस्टीट्यूट, बरेली दर्ज है। इसके बाद पीलीभीत नगर पालिका में एक मई को उसी मृत्यु का पंजीकरण कराया गया। पीलीभीत से जारी प्रमाण पत्र में मृत्यु की तारीख 14 अप्रैल ही है, लेकिन मृत्यु स्थल अस्पताल के बजाय घर दर्शाया गया है। ईओ संजीव कुमार ने बताया कि मामला जानकारी मेें है। इसकी जांच हो रही है। संवाद