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दो करोड़ से सुधरेगी जर्जर शारदा सागर डैम की हालत

Sun, 09 Oct 2016 11:25 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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दो करोड़ से सुधरेगी जर्जर शारदा सागर डैम की हालत - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
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अमर उजाला में सात अक्तूबर के अंक में सूखने के कगार पर पहुंचा शारदा सागर डैम खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद अभियंताओं की तंद्रा टूटी है। अब अभियंता न केवल शासन से दो करोड़ रुपया रिलीज होने के बात कहने लगे हैं, बल्कि उन्होंने जर्जर पिचिंग की मरम्मत की तैयारी भी शुरू करा दी है। इधर डैम में पानी भंडारण के समय यदि मरम्मत कार्य शुरू हुए तो इसकी गुणवत्ता पर प्रश्न उठ सकता है।
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लापरवाही से जर्जर हुआ डैम
प्रदेश के करीब पौन दर्जन जनपदों के लिए जीवनदायी बना शारदा सागर डैम लंबे समय से अभियंताओं की लापरवाही का शिकार है। यह डैम पानी के साथ आने वाली सिल्ट से पट रहा है। यदि शुरुआती दौर में इस पर ध्यान दिया जाता, तो कम बजट से हर साल सिल्ट की सफाई की जा सकती थी। इससे डैम में पानी की क्षमता लगातार घटती गई और पानी का डेड लेबिल बढ़ गया। इसके साथ ही डैम की मुख्य बाडी के भीतरी हिस्से की पत्थर, ईंट व सीमेंट के ब्लाकों की बनी पिचिंग क्षतिग्रस्त हो गई। 
अब तक नौ लोग हो चुके हैं सस्पेंड
पिछले वर्षों में डैम के लिए शासन ने एक बार दस करोड़ व दूसरी बार 19 करोड़ रुपया दिया था लेकिन यह लाल फीताशाही का शिकार हो गया। डैम में सिर्फ खानापूरी कर दी गई। अभियंताओं की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिचिंग मरम्मत के नाम पर इतना बड़ा खेल हुआ कि टेक्निकल आडिट सेल की जांच रिपोर्ट के बाद दो सहायक अभियंता, पांच अवर अभियंता व दो बाबू निलंबित कर दिये गए थे। मात्र एक्सईएन ही सत्ता के नजदीकी होने के चलते अपनी गर्दन बचा पाए थे।
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होने लगी पिचिंग मरम्मत की तैयारी
इधर डैम मरम्मत को पूर्व में भेजे गए प्रोजेक्ट पर छह करोड़ रुपया तो स्वीकृत हुआ, लेकिन अभियंता हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। दो दिन पूर्व अमर उजाला में शारदा डैम से संबंधित खबर छपने के बाद अधिकारियों ने एकाएक डैम की पिचिंग मरम्मत की तैयारी शुरू कर दी। बताते हैं कि शुरुआती दौर में ही रेत व मोरंग उठान के नाम पर तिकड़मबाजी शुरू हो चुकी है। बजरी का भी स्टाक शुरू कर दिया गया है। 
टेंडर तीन माह पहले, जानकारी दी गई अब 
इस मामले में अभियंताओं का कहना है कि शासन से दो करोड़ रुपया रिलीज कर दिया है। तीन माह पूर्व गोमती प्रोजेक्ट के टेंडर किए गए थे, उसी दौरान पिचिंग मरम्मत के भी टेंडर किए गए थे। हालांकि टेंडर किसी भी लोकप्रिय समाचार पत्र में नहीं निकाले गए थे। यह कार्य अलीगढ़, इटावा व पीलीभीत के ठेकेदारों को दिया गया है। 
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