पीलीभीत-भोजीपुरा ब्राडगेज कंवर्जन कार्य एक बार फिर पटरी से उतरता नजर आ रहा है। अब ठेकेदारों के बीच आपसी तालमेल न होना और बरसात काम में रोड़ा बनी हुई है। धीमी गति से हो रहे कार्यों को लेकर लोगों की मायूसी बढ़ती जा रही है।
पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर ब्राडगेज कंवर्जन कार्य केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभू के आने के बाद तेजी से शुरू हुए थे। एक जनवरी को पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर ब्लाक लेने के बाद युद्धस्तर पर मीटरगेज पटरियों के उखाडने के साथ इस पर बड़ी रेल लाइन की पटरियां भी बिछा दी गई है। देवहा पुल समेत रेल मार्ग पर पडने वाले पुल, पुलियों का भी काम तेजी से शुरू किया था। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर बेस लाइन, पिट लाइन समेत 600 मीटर लंबे प्रस्तावित प्लेटफार्म का काम भी शुरू हुआ था। हालांकि टै्रक संबंधी कार्य तो काफी तेजी से चल रहे हैं, लेकिन प्रस्तावित प्लेटफार्म के काम की गति अभी भी थमी चल रही है। इसको लेकर होने वाले कार्यों पर गौर करें तो यहां प्लेटफार्म नंबर एक व दो पर ठेकेदार द्वारा बिना किसी से राय मशविरा कर रातों रात पूरे प्लेटफॉर्म पर मिट्टी डलवा दी गई। हालांकि मिट्टी डालने का काम तबसे ही बंद पड़ा है, लेकिन प्लेटफार्म पर फैली मिट्टी अब दूसरे कामों में रोड़ा बनती नजर आ रही है। प्लेटफार्म को प्रस्तावित प्लेटफार्म में परिवर्तित करने को लोहे के पिलर, हाइड्रोलिक जैक आदि सामान आ चुका है, लेकिन प्लेटफार्म पर फैली बेतरतीब मिट्टी हटने के बाद ही यह काम शुरू हो सकेगा। ब्राडगेज कार्य से जुड़े एक ठेकेदार ने बताया कि प्लेटफार्म तैयार करने को सामान आ चुका है, लेकिन बिना राय मशविरा काम होने से दिक्कतें आ रही हैं। ट्रांसपोटेशन तक के लिए जगह नहीं है। हालांकि इस संबंध में जब स्थानीय रेल अफसरों से पूछा गया कि उन्होंने इस मामले में बात करने से इंकार कर दिया।