बाघ और वन कर्मियों के बीच चल रही लुका छिपी बंद नहीं हो रही है। वनकर्मियों ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। बाघ पिंजरे के पास पहुंचकर चारों ओर चक्कर लगाता रहा। पिंजरा के पास कुछ देर बैठा और खेत की ओर चला गया। बाघ की चहल कदमी से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। बाघ ने सोमवार की शाम बराही जंगल में लैहारी पुल के समीप दो किसानों पर हमला कर घायल किया। उसके बाद दो लोगों और एक ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार लोगों पर भी छलांग लगाई थी। बाघ ने सोमवार की शाम लैहारी पुल के समीप बाइक सवार गांव नवदिया टोडर निवासी राजेश सिंह और देवी सिंह पर हमला कर लहूलुहान कर दिया था। बाघ ने लैहारी पुल के समीप ही कुछ देर बाद गांव राजपुर सिमरा निवासी शौकीन शाह और अरविंद की बाइक पर भी छलांग लगाई थी। दोनों नाखून लगने से घायल हुए थे। इसके अलावा बाघ ने चूका कालोनी निवासी जितेंद्र की ट्रैक्टर-ट्राली पर उस समय छलांग लगाई थी जब जितेंद्र ट्रैक्टा-ट्राली लेकर पूरनपुर से घर लौट रहा था। इन घटनाओं के बाद बाघ की चहल कदमी से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। उधर, बाघ को पकड़ने को वन विभाग ने सोमवार रात को लैहारी पुल से करीब तीन किलोमीटर दूर पिंजरा लगाया था। पिंजरा में पड्डे को बांधा गया। ताकि पड्डे के शिकार को पिंजरा में घुसने पर बाघ को पकड़ा जा सके। बाघ भी पिंजरा के समीप पहुंचा। उसके चारों ओर चक्कर लगाने के बाद पिंजरे के पास कुछ देर बैठा और फिर उठकर पिंजरा में बधे पड़्डे का शिकार किए बगैर खेतों में चला गया।
बाघ पकड़ने को पिंजरा लगवाया गया था। पिंजरा के चारों ओर बाघ के पद चिह्न मिले हैं। पिंजरा के समीप उसके बैठने के भी निशान पाए गए। बाघ की निगरानी को कर्मचारियों को लगाया गया है। साथ ही क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने को जागरूक किया जा रहा है। जंगल के रास्तों से रात को आवागमन न करने की हिदायत दी गई है।
- अनिल शाह, रेंजर बराही।
एक करोड़ मुआवजा की मांग
पूरनपुर। पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी ने बाघ के हमला में मारे गए ब्रह्मस्वरूप के परिवार वालों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि दिलवाने की मांग की है। उन्होंने बाघ के हमलों से नौ लोगों की मौत पर रोष व्यक्त किया। कहा कि शासन प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। ऐसे में कभी भी स्थिति विस्फोटक हो सकती है। उन्होंने डीएम, वन सरंक्षक और मुख्यमंत्री से बाघ के हमलों से बचाव को ठोस रणनीति बनवाने की मांग की है।