पीलीभीत। प्रदेश सरकार ने चीनी उद्योग क्षेत्र में भी पर्यटन को बढ़ावा देने की कवायद शुरू की है। अभी तक पर्यटन मानचित्र में जिले की पहचान सिर्फ इको टूरिज्म से होती थी, लेकिन अब अपना जिला शुगर टूरिज्म से भी जाना जाएगा। प्रदेश सरकार ने अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित और हाईवे से जुड़ी चीनी मिल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। फिलहाल इसमें जिले की दो चीनी मिलों के नाम भेजे गए हैं, सबकुछ ठीकठाक रहा तो जिले की शुगर टूरिज्म के रूप में भी पहचान होगी।
दरअसल प्रदेश सरकार अब चीनी उद्योग क्षेत्र में भी पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास में है। प्रदेश के प्रमुख सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने जारी पत्र में कहा कि प्रदेश में कई चीनी मिलें अत्याधुनिक तकनीकी से सुसज्जित और हाईवे से जुड़ी हुई है। मिलों के कैंपस भी आकर्षक साज सज्जा से युक्त है, जिन्हें शुगर टूरिज्म के लिए पर्यटन स्थल के रूप में उपयोग किया जा सकता है। यदि ऐसी कोई व्यवस्था एवं माध्यम तैयार कर दिया जाए जिसके द्वारा इच्छुक व्यक्तियों को चीनी मिलों का भ्रमण कर चीनी उत्पादन आदि की प्रक्रिया जानना सुगम हो जाए तो न केवल लोगों का ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि इससे चीनी उद्योग क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश के बहुत से लोगों एवं दूसरे प्रदेशों से आने वाले बहुत से लोगों द्वारा चीनी मिलों का भ्रमण कर चीनी, एकनॉल आदि के उत्पादन एवं गन्ना पेराई की प्रक्रिया का देखने समझने की जिज्ञासा रहती है, लेकिन उपयुक्त माध्यम एवं स्थल का ज्ञान न होने के कारण चीनी मिलों का भ्रमण नहीं कर पाते हैं। ऐसे में यदि चीनी मिलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित जाए तो इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
गन्ना विभाग के मुताबिक एलएच शुगर मिल पीलीभीत और बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा के नाम भेजे गए है। एलएच चीनी मिल वर्ष 1909 में स्थापित की गई थी। यह 70 एकड़ में बनी हुई। वहीं बरखेड़ा चीनी मिल वर्ष 2005 में स्थापित की गई थी। यह चीनी मिल 135 एकड़ में स्थापित है।
शुगर टूरिज्म के लिए किस चीनी मिल का चयन किया जाएगा, इसके लिए प्रदेश सरकार ने सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति चीनी मिलों के चयन, टूरिज्म की प्रक्रिया, आवागमन की व्यवस्था परखेगी और अपनी संस्तुति एक माह के भीतर प्रदेश सरकार को प्रस्तुत करेगी।
प्रदेश सरकार ने चीनी उद्योग क्षेत्र में शुगर टूरिज्म को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसको लेकर एलएच चीनी मिल और बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा के नाम उप गन्ना आयुक्त को प्रेषित किए गए हैं।
- जितेंद्र मिश्रा, जिला गन्ना अधिकारी