पीलीभीत। मानसून सिर पर है। जिले में चल रहे करोड़ों के विकास कार्यों की धीमी रफ्तार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर से लेकर देहात तक कई सड़कें, पुल और पुलिया निर्माणाधीन अवस्था में हैं, जबकि कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। तमाम दावों के बाद भी ये कार्य अभी तक अधूरे पड़े हैं। ऐसे में मानसून के समय निर्माण क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने के साथ-साथ लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
बरसात में दर्द देंगी माधोटांडा मार्ग की दो निर्माणाधीन पुलिया : वर्ष 2024 में आई बाढ़ के दौरान इस प्रमुख मार्ग की चार पुलिया कट गई थीं। लोक निर्माण विभाग ने फरवरी महीने में इनका निर्माण तो शुरू कराया, लेकिन सुस्त रफ्तार के कारण काम अभी तक लटका है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान जलभराव होने से वैकल्पिक रास्तों से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
जमुनिया और नवदिया के पास माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग और खटीमा मार्ग के निर्माण कार्यों के लिए 6 करोड़ लागत का अनुमान है। सिर्फ 20 फीसदी कार्य पूरा हो पाया है। संवाद
बरसात में दर्द देंगी माधोटांडा मार्ग की दो निर्माणाधीन पुलिया
वर्ष 2024 में आई बाढ़ के दौरान इस प्रमुख मार्ग की चार पुलिया कट गई थीं। लोक निर्माण विभाग ने फरवरी महीने में इनका निर्माण तो शुरू कराया, लेकिन सुस्त रफ्तार के कारण काम अभी तक लटका है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान जलभराव होने से वैकल्पिक रास्तों से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
जमुनिया और नवदिया के पास माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग और खटीमा मार्ग के निर्माण कार्यों के लिए 6 करोड़ लागत का अनुमान है। सिर्फ 20 फीसदी कार्य पूरा हो पाया है।
मझोला-दियूनीडाम मार्ग पर काम अटका
अमरिया क्षेत्र में इस मार्ग का निर्माण कोलतार महंगा होने के कारण पिछले महीने अधूरा ही छोड़ दिया गया। कोलतार की बढ़ती कीमतों की वजह से ठेकेदार बैकफुट पर आ गए हैं और टेंडर वैल्यू बढ़ने की बात भी सामने आ रही है। बजट मिलने के बाद भी काम लटका हुआ है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अगर यह जर्जर मार्ग समय से तैयार नहीं हुआ, तो बरसात में यहां से गुजरना नामुमकिन हो जाएगा। इस मार्ग से करीब 20 गांवों के 50 हजार लोग नियमित रूप से गुजरते हैं।
मार्ग पर नगर सृजन योजना का ग्रहण
नगर पंचायत नौगवां पकड़िया की ओर से वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के अंतर्गत रामलीला मुख्य मार्ग का निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद कार्य ठप हो गया। बीते मानसून में भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था और अब स्थिति फिर वैसी ही नजर आ रही है। नगर पंचायत के ईओ एजाज अहमद का कहना है कि जनवरी में कार्य पूरा कराने की डिमांड भेजी गई है। इस सप्ताह से कार्य दोबारा शुरू होने की संभावना है।
धीमी गति से चल रहा स्पेशल रिपेयर कार्य
अमरिया तहसील क्षेत्र के इस मार्ग पर स्पेशल रिपेयर का काम बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा है। पिछले महीने से अब तक सिर्फ तीन किलोमीटर का काम हो सका है। 15 जून से मानसून की दस्तक होने वाली है, ऐसे में स्थानीय लोगों को डर है कि बारिश कहीं इस अधूरे काम को और न बिगाड़ दे।
5 किमी का दायरा ब्लॉक, वैकल्पिक रास्ते भी दे रहे धोखा
लोक निर्माण विभाग ओर से एक महीने के भीतर इन तीनों पुलियों का निर्माण शुरू कर खोदाई तो कर दी गई, लेकिन वैकल्पिक रास्तों के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई गईं। पिपरिया संतोष के पास राहगीर और कार सवार जान जोखिम में डालकर खाई के किनारे से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे हादसे का खतरा रहता है।
स्वीकृत मिलने के बाद पुलियों का कार्य शुरू कराया गया था। मानसून तक स्लैब डालने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं, जहां वैकल्पिक मार्ग में अवस्थाएं हैं उन्हें दुरुस्त करवाया जाएगा। - अनामिका यादव, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग